




हमीरपुर/विवेकानंद वशिष्ठ :— NEET पेपर लीक मामले को लेकर NSUI ने केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए हमीरपुर जिला मुख्यालय पर प्रेस कॉन्फ़्रेंस आयोजित की। इस दौरान टोनी ठाकुर ने केंद्र सरकार, शिक्षा मंत्रालय और NTA की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए।
प्रदेशाध्यक्ष टोनी ठाकुर ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफ़े और NTA को बैन करने की उठाई मांग



टोनी ठाकुर ने कहा कि देशभर के लाखों छात्र दिन-रात मेहनत करके प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं, लेकिन बार-बार हो रहे पेपर लीक युवाओं के भविष्य और मेहनत के साथ खुला धोखा हैं। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि आखिर लगातार हो रहे पेपर लीक की जवाबदेही किसकी है? केंद्र सरकार युवाओं को जवाब क्यों नहीं दे रही?





उन्होंने कहा कि मोदी सरकार के कार्यकाल में 89 से अधिक पेपर लीक होना देश की शिक्षा व्यवस्था की सबसे बड़ी विफलता है। सरकार हर बार जांच और कार्रवाई का आश्वासन देकर अपनी जिम्मेदारी से बचने का प्रयास करती है, लेकिन आज तक किसी बड़े स्तर पर जवाबदेही तय नहीं की गई।


NSUI प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि NEET जैसी राष्ट्रीय परीक्षा में धांधली होना करोड़ों युवाओं के विश्वास पर हमला है। यदि देश की सबसे महत्वपूर्ण परीक्षाएं भी सुरक्षित नहीं हैं, तो यह सरकार की नाकामी को दर्शाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार युवाओं के मुद्दों को गंभीरता से लेने के बजाय केवल राजनीतिक बयानबाज़ी में व्यस्त है।


टोनी ठाकुर ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तुरंत इस्तीफ़ा देने की मांग की तथा NTA को तत्काल बैन कर नई और पारदर्शी परीक्षा प्रणाली लागू करने की बात कही। उन्होंने कहा कि NSUI देशभर के छात्रों की आवाज़ बनकर इस मुद्दे को लगातार उठाती रहेगी और युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।


प्रेस कॉन्फ़्रेंस के दौरान NSUI कार्यकर्ताओं ने युवाओं के अधिकारों की रक्षा और पेपर लीक माफिया के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग भी उठाई।








