




शिमला/विवेकानंद वशिष्ठ :- NSUI हिमाचल प्रदेश के राज्य महासचिव एवं HPU शिमला प्रभारी जस्सी नेगी ने NEET पेपर लीक की कथित घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि परीक्षा प्रणाली में बार-बार हो रही विफलताओं के कारण लाखों छात्रों का भविष्य गंभीर रूप से प्रभावित हो रहा है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने युवाओं को हर वर्ष दो करोड़ नौकरियों का वादा किया था, लेकिन इसके विपरीत बेरोजगारी बढ़ रही है और छात्रों को पेपर लीक, भर्ती घोटालों तथा प्रतियोगी परीक्षाओं में अनिश्चितता का सामना करना पड़ रहा है।


उन्होंने हिमाचल प्रदेश में पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के नेतृत्व वाली पिछली भाजपा सरकार की भी आलोचना की और आरोप लगाया कि उसकी नीतियों ने युवाओं के भविष्य को नुकसान पहुँचाया है। उन्होंने विशेष रूप से मल्टी टास्क वर्कर जैसे पदों के सृजन का उल्लेख किया, जिनमें लगभग 4000 रुपये मासिक वेतन दिया जाता है, और इसे शिक्षित बेरोजगार युवाओं के लिए शोषणकारी एवं निराशाजनक बताया।





नेगी ने कहा कि उस अवधि में भर्ती प्रक्रियाओं में बार-बार हुई अनियमितताओं और कथित पेपर लीक मामलों ने राज्य के युवाओं में गहरी निराशा पैदा की है।


लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की पुत्री द्वारा मॉडलिंग क्षेत्र से आने के बाद प्रथम प्रयास में यूपीएससी परीक्षा उत्तीर्ण करने को लेकर चल रही सार्वजनिक चर्चाओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों से उन सामान्य छात्रों के मन में गंभीर प्रश्न उठते हैं, जो बिना संसाधन और कोचिंग के वर्षों तक कठिन परिश्रम करते हैं।


उन्होंने पूरे देश में एक पारदर्शी, निष्पक्ष और भ्रष्टाचार-मुक्त परीक्षा प्रणाली की मांग की तथा पेपर लीक मामलों की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच और दोषियों पर कठोर कार्रवाई की मांग की।










