बीते 10 वर्षो में 90 परीक्षा पेपर लीक हुई, जिसमें 5 नीट के ही पेपर थे: संदीप सांख्यान

बिलासपुर/विवेकानंद वशिष्ठ:-  आत्ममुग्ध, स्वार्थ परायण और तानाशाही के दौर से गुजर रही आजाद हिंदोस्तान की राजनीति में एक बार फिर से देश के उन होनहारों का सपना धूमिल हो गया, जो लंबे समय से डाक्टर बनने के लिए मेहनत कर रहे थे। लेकिन विश्वगुरू बनने का सपना देख रहे राजनेता कुर्सी के लालच में जबावदेही तक भूल गए हैं।

देश में होनहारों डॉक्टरों का सपना धूमिल जबाबदेही कोई नहीं: संदीप सांख्यान

 

पावर का घमंड एक न एक दिन चकनाचूर होगा, नियती यही कहती है। यह कहना है प्रदेश कांग्रेस के पूर्व मीडिया कॉर्डिनेटर संदीप सांख्यान का। उन्होंने कहा कि जो लोग पढ़ाई की कीमत जानते हैं, उन्हें पता होता है कि पेपर लीक होने से न सिर्फ सपने ही नहीं टूटते बल्कि भविष्य कि साथ परिवार तक टूट जाते हैं।

विश्वगुरु बनने चले नीट की परीक्षा बचा नहीं सके: संदीप सांख्यान

उन्होंने कहा कि बेलगाम लीडरशिप जहां किसी की नहीं सुनती वहीं देश का युवा आज शिक्षा मंत्री से इस्तीफे की मांग कर रहे हैं, यही युवा सड़कों पर उतरेंगे, चीखेंगे, चिल्लाएंगे लेकिन लाभ कुछ नहीं होगा। क्योंकि पिछले दस सालों से 90 परीक्षा पेपर लीक हो चुके हैं जबकि पिछले आठ सालों से 5 बार नीट पेपर की लिकेज हुई है।

पेपर लीक होने से न केवल सपने टूटते है, बल्कि परिवार तक टूट जाते हैं: संदीप सांख्यान

केंद्र सरकार की एजेसियों को स्पष्ट करना चाहिए कि इन अपराधिक मामलों में कितने लोगों की गिरफ्तारियां हुई कितनों को सजा हुई, क्या वास्तव में देश की पढ़ी लिखी युवा कौम को न्याय मिल पाया है या नहीं।

 

 

ताज्जुब की बात है कि देश के प्रधानमंत्री जो कभी अपने ही देश के मीडिया के सामने नहीं आए उनसे भला जबावदेही की क्या उम्मीद होगी, इन हालातों में पारदर्शिता के मायने लुप्त हो चुके हैं। संदीप सांख्यान ने कहा कि एनडीए के लिए केवल चुनावी जीत ही सर्वोपरी है।

 

जीतने के लिए किसी भी हद को पार करने वाले भाजपा नेता आज देश की जनता को नैतिकता का पाठ पढ़ा रहे हैं। सोना न खरीदने, डीजल पैट्रोल का कम प्रयोग करने तथा कम खर्च करने की नसीहतें देश की जनता को दी जा रही है जबकि अपनी गिरेबांन में झांकने से गुरेज हो रहा है।

 

केवल कांग्रेस को गालियां निकालकर अपना उल्लु सीधा करने और जनता को बरगलाने वाले लोगों की असलियत सामने आ चुकी है। देश इस भयानक दौर से गुजरेगा, इस बारे में कभी सोचा नहीं था।

 

उन्होंने कहा कि भले ही शक्ति इनके पास हो लेकिन बहुत जल्द इस तानाशाही के परिणाम इनकों भुगतने होंगे। संदीप सांख्यान ने कहा है कि केंद्र सरकार को यह बताना तो चाहिए ही कि ऐसी नौबत किस कारण आ रही है कि देश वासियों को डू डांटस सीखाए जा रहे हैं।

 

उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं की विफलता एनडीए की विफल नीतियों के परिणाम हैं। केंद्र सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है, और भाजपा निकट भविष्य में ढूंढने पर भी नहीं मिलेगी।

 

 

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