




शिमला/विवेकानंद वशिष्ठ:- कहीं बच्चों से हेयरबैंड उतरवाए गए…
कहीं लड़कियों के कपड़े तक कटवाए गए…
कहीं घड़ियाँ, चश्मे और निजी सामान उतरवाकर उन्हें अपराधियों की तरह ट्रीट किया गया…
और ये सब उस वक्त हुआ, जब वो बच्चे अपने सपनों को लेकर परीक्षा देने पहुँचे थे।
परीक्षा केंद्रों पर उनके साथ जिस तरह का व्यवहार हुआ, उसने पूरे देश को झकझोर दिया।


जो युवा डॉक्टर बनकर देश की सेवा करना चाहते थे, उन्हें परीक्षा से पहले ही मानसिक रूप से तोड़ दिया गया।
कई बच्चे रोते रहे… कई माता-पिता बेबस खड़े रहे…
लेकिन सत्ता में बैठे लोगों के कानों पर जूं तक नहीं रेंगी।





सबसे बड़ा सवाल ये है कि —
अगर मेहनत करने वाले बच्चों पर इतना शक था,
तो पेपर लीक करने वाले असली गुनहगारों पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई?


राष्ट्रीय देवभूमि पार्टी मांग करती है कि
NEET पेपर लीक मामले की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच हो,
दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिले,
और देश के युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों को कानून के तहत कठोर दंड दिया जाए।


आज देश का युवा सिर्फ नौकरी नहीं मांग रहा…
वो सम्मान मांग रहा है।
वो सुरक्षित भविष्य मांग रहा है।
वो ऐसी व्यवस्था चाहता है जहाँ मेहनत बिके नहीं… और सपने लीक न हों।


भाजपा और कांग्रेस ने वर्षों तक युवाओं को सिर्फ वादे दिए…
अब हिमाचल और देश का युवा तीसरे विकल्प की तरफ देख रहा है।
राष्ट्रीय देवभूमि पार्टी युवाओं की आवाज बनकर लड़ेगी।
हर छात्र के सम्मान के लिए लड़ेगी।
हर मेहनतकश युवा के भविष्य के लिए लड़ेगी।


ये लड़ाई किसी एक परीक्षा की नहीं…
ये लड़ाई देश के भविष्य की है।”

— राष्ट्रीय देवभूमि पार्टी

रूमित सिंह ठाकुर




