




शिमला:- हिमाचल प्रदेश सरकार ने राज्य में व्यावसायिक गतिविधियों से जुड़े बिजली उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालते हुए नया बिजली सेस लागू कर दिया है।

ऊर्जा विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार होटल, निजी अस्पताल, पेट्रोल पंप, शॉपिंग मॉल, मल्टीप्लेक्स समेत 10 श्रेणियों के उपभोक्ताओं से अब बिजली खपत पर ₹1 प्रति यूनिट की दर से अतिरिक्त सेस वसूला जाएगा। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।


सरकार का कहना है कि यह फैसला राजस्व बढ़ाने और विभिन्न योजनाओं के लिए संसाधन जुटाने के उद्देश्य से लिया गया है। हालांकि, कारोबारियों और उपभोक्ताओं का मानना है कि इससे व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का संचालन खर्च बढ़ेगा और इसका असर आम लोगों पर भी पड़ सकता है।





बता दें कि प्रदेश सरकार इससे पहले फरवरी 2025 में बिजली बिलों में दूध और पर्यावरण सेस भी लागू कर चुकी है। इसके तहत घरेलू उपभोक्ताओं के बिजली बिल में दस पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी हुई थी, जबकि अन्य श्रेणियों के उपभोक्ताओं पर दो पैसे से लेकर छह रुपये प्रति यूनिट तक अतिरिक्त भार डाला गया था।


विद्युत शुल्क संशोधन अधिनियम 2024 के तहत लगाए गए इस सेस में घरेलू उपभोक्ताओं पर केवल दूध सेस लागू है, जबकि अन्य सभी श्रेणियों को दूध और पर्यावरण दोनों सेस चुकाने पड़ रहे हैं।


वहीं, शून्य बिल वाले घरेलू उपभोक्ताओं को दूध उपकर से राहत दी गई है। इसके अलावा दिसंबर 2025 में बैंकिंग, वित्त और बीमा क्षेत्र से जुड़े संस्थानों पर भी ₹2 प्रति यूनिट की दर से बिजली सेस लगाया गया था।










