एक से श्रेष्ठ केंद्रों पर रही अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की धूम

हमीरपुर/विवेकानंद वशिष्ठ:- अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर हमीरपुर लोकसभा क्षेत्र में संचालित 600 से अधिक एक से श्रेष्ठ केंद्रों में योग कार्यक्रमों का भव्य एवं उत्साहपूर्ण आयोजन किया गया।

योग दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित इन कार्यक्रमों में 8000 से अधिक अध्यापकों, छात्रों एवं उनके अभिभावकों ने सक्रिय सहभागिता करते हुए योग को अपनी दैनिक जीवनशैली का हिस्सा बनाने का संकल्प लिया।

600 से अधिक केंद्रों पर 8000 से अधिक छात्रों, अभिभावकों एवं अध्यापकों ने किया योग, स्वस्थ एवं संतुलित जीवन का लिया संकल्प

सभी केंद्रों में योग के प्रति विशेष उत्साह एवं जागरूकता देखने को मिली तथा बच्चों और अभिभावकों ने पूरे मनोयोग के साथ योगाभ्यास में भाग लिया।

हमीरपुर लोकसभा क्षेत्र के सांसद  अनुराग सिंह ठाकुर के प्रयासों से संचालित इन एक से श्रेष्ठ केंद्रों में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर विशेष योग सत्र आयोजित किए गए।

कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य लोगों को योग के महत्व से परिचित कराना, शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा समाज में स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देना था।

इस अवसर पर केंद्रों में योग प्रशिक्षकों एवं अध्यापिकाओं के मार्गदर्शन में प्रतिभागियों ने विभिन्न योगासन, प्राणायाम, ध्यान एवं श्वास संबंधी अभ्यास किए।

कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को योग के वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक महत्व के बारे में भी जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि नियमित योगाभ्यास न केवल शरीर को स्वस्थ और सुदृढ़ बनाता है, बल्कि मानसिक तनाव को कम करने, एकाग्रता बढ़ाने, भावनात्मक संतुलन बनाए रखने तथा सकारात्मक सोच विकसित करने में भी अत्यंत प्रभावी भूमिका निभाता है।

 

आज के भागदौड़ भरे और तनावपूर्ण जीवन में योग व्यक्ति को शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक रूप से संतुलित रखने का एक सरल एवं प्रभावी माध्यम है।

योग सत्रों में भाग लेने वाले विद्यार्थियों ने अत्यंत उत्साह के साथ विभिन्न योग क्रियाओं का अभ्यास किया। अभिभावकों ने भी अपने बच्चों के साथ योग कर यह संदेश दिया कि स्वस्थ जीवनशैली की शुरुआत परिवार से होती है।

 

कई केंद्रों में विद्यार्थियों द्वारा योग के महत्व पर भाषण, समूह चर्चा तथा जागरूकता गतिविधियों का आयोजन भी किया गया, जिसके माध्यम से समाज में योग के प्रति सकारात्मक संदेश प्रसारित किया गया।

इस अवसर पर विभिन्न केंद्रों की अध्यापिकाओं ने कहा कि योग भारत की प्राचीन और अमूल्य सांस्कृतिक धरोहर है, जिसने पूरे विश्व को स्वस्थ जीवन जीने की दिशा प्रदान की है।

 

उन्होंने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक ऐसी समग्र पद्धति है, जो व्यक्ति के शरीर, मन और आत्मा के बीच संतुलन स्थापित करती है। नियमित योगाभ्यास से व्यक्ति में आत्मविश्वास, अनुशासन, धैर्य और सकारात्मक ऊर्जा का विकास होता है।

उन्होंने सभी विद्यार्थियों, अभिभावकों एवं समाज के अन्य वर्गों से प्रतिदिन कुछ समय योग के लिए निकालने तथा अपने परिवार एवं आसपास के लोगों को भी योग अपनाने के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया।

 

साथ ही यह भी कहा कि यदि बचपन से ही बच्चों में योग की आदत विकसित की जाए, तो वे शारीरिक एवं मानसिक रूप से अधिक स्वस्थ, आत्मविश्वासी और जिम्मेदार नागरिक बन सकते हैं।

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर एक से श्रेष्ठ केंद्रों में आयोजित इन कार्यक्रमों ने स्वास्थ्य, अनुशासन, सामूहिक सहभागिता एवं सकारात्मक जीवन मूल्यों का संदेश देते हुए समाज में योग के प्रति जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

 

सभी प्रतिभागियों ने संकल्प लिया कि वे योग को अपने दैनिक जीवन का अभिन्न अंग बनाएंगे तथा स्वस्थ, जागरूक और सशक्त समाज के निर्माण में अपना सक्रिय योगदान देंगे।

[post-views]