



नई-दिल्ली/विवेकानंद वशिष्ठ:- कोयला, खान एवं इस्पात संबंधी संसदीय स्थायी समिति ने देश में खनिज एवं धातुओं के अवैध खनन पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए प्रवर्तन व्यवस्था को और मजबूत करने तथा आधुनिक तकनीक के व्यापक इस्तेमाल पर जोर दिया है। समिति की बैठक की अध्यक्षता सांसद अनुराग ठाकुर ने की।

अनुराग ठाकुर की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक, एआई और ड्रोन तकनीक के प्रभावी इस्तेमाल पर दिया बल




बैठक में देश में खनिज एवं धातुओं के अवैध खनन को रोकने के उपायों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया और इस विषय पर संबंधित पक्षों से मौखिक साक्ष्य लिए गए।







बैठक में खान मंत्रालय के सचिव, नाल्को तथा हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक और मंत्रालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।



बैठक के दौरान देशभर में अवैध खनन पर प्रभावी नियंत्रण के लिए प्रवर्तन तंत्र को सशक्त बनाने की आवश्यकता पर गहन चर्चा हुई। समिति ने कहा कि देश की बहुमूल्य खनिज संपदा की सुरक्षा के लिए केंद्र और राज्य सरकारों के स्तर पर स्पष्ट जवाबदेही सुनिश्चित करना आवश्यक है।



समिति ने अनधिकृत खनन गतिविधियों के प्रति शून्य सहनशीलता की नीति अपनाने पर बल देते हुए कहा कि अवैध खनन पर प्रभावी रोक के लिए एक सुदृढ़ नियामक व्यवस्था और विभिन्न सरकारी एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है। इससे खनिज संसाधनों का सतत, पारदर्शी और कानूनसम्मत दोहन सुनिश्चित किया जा सकेगा।


बैठक में खनिज संपदा की निगरानी और सुरक्षा के लिए तकनीक आधारित उपायों पर भी विशेष चर्चा हुई। समिति ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और ड्रोन निगरानी जैसी आधुनिक तकनीकों को तेजी से अपनाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
समिति का मानना है कि एआई और ड्रोन तकनीक के माध्यम से खनन क्षेत्रों की निगरानी अधिक प्रभावी बनाई जा सकती है। रियल टाइम निगरानी और गतिविधियों की बेहतर ट्रैकिंग से अवैध खनन की पहचान समय रहते की जा सकेगी तथा संबंधित एजेंसियां त्वरित कार्रवाई कर सकेंगी।
समिति ने इस बात पर जोर दिया कि देश की खनिज संपदा केवल वर्तमान की आर्थिक आवश्यकताओं के लिए नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों की संपत्ति भी है।
इसलिए इसके संरक्षण, पारदर्शी उपयोग और अवैध दोहन पर प्रभावी रोक के लिए केंद्र एवं राज्य स्तर पर समन्वित और तकनीक-सक्षम व्यवस्था विकसित करना समय की आवश्यकता है।


















