



हमीरपुर/विवेकानंद वशिष्ठ:- उपायुक्त गंधर्वा राठौड़ ने कहा है कि कुपोषण समाज का सांझा शत्रु है। यह न केवल मानव के संभावित विकास पर अंकुश लगाकर उसे प्रभावित करता है अपितु देश एवं समाज की प्रगति में भी बाधा उत्पन्न करता है।

कुपोषण की समस्या के निवारण में इनकी भूमिका बहुत ही महत्वपूर्ण: गंधर्वा राठौड़




इस समस्या के निवारण में आंगनवाड़ी और आशा वर्कर्स बहुत बड़ी भूमिका अदा कर सकती हैं। इसी के मद्देनजर जिला हमीरपुर की आंगनवाड़ी और आशा वर्कर्स तथा सुपरवाइजरों को चिन्मय ऑर्गेनाइजेशन फॉर रूरल डेवलपमेंट (कॉर्ड) सिद्धबाड़ी, धर्मशाला के माध्यम से प्रशिक्षित किया जाएगा। यह कार्यक्रम विकास खंड भोरंज में पायलट आधार पर आरंभ किया जा रहा है।







इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लेने जा रही आंगनवाड़ी और आशा वर्कर्स तथा सुपरवाइजरों के साथ संवाद के दौरान उपायुक्त ने कहा कि कुपोषण के विरुद्ध इस विशेष अभियान के लिए विकास खंड भोरंज को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में चिन्हित करते हुए वहां त्रिस्तरीय रणनीति के माध्यम से कुपोषण के स्तर को कम करने का प्रयत्न किया जा रहा है जिसमें माताओं को बाल विकास की विभिन्न विधाओं में प्रशिक्षित करना, कुपोषित बच्चों के लिए पूरक पोषाहार के रूप में रागी उपलब्ध कराना तथा इन बच्चों के विकास पर विशेष नजर रखना है। इस परियोजना का मुख्य लक्ष्य पोषण के संबंध में प्रभावी व्यवहार परिवर्तन का निर्माण करना है। उन्होंने बताया कि माताओं से फीडबैक प्राप्त कर यदि आवश्यकता हुई तो योजना में आवश्यक सुधार भी किए जाएंगे। उक्त प्रतिभागी प्रशिक्षण के उपरांत अपने-अपने क्षेत्र में सभी आंगनबाड़ी एवं आशा कार्यकर्ताओं तथा माताओं को बाल विकास के विभिन्न आयामों पर प्रशिक्षित करेंगे।


उपायुक्त ने प्रतिभागियों से प्रशिक्षण कार्यक्रम का पूर्ण लाभ उठाने तथा प्राप्त ज्ञान एवं अनुभव को अपने-अपने कार्य क्षेत्र में प्रभावी ढंग से लागू करने का आह्वान किया ताकि जिला में महिलाओं एवं बच्चों को बहुत बेहतर पोषण एवं स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।























