8 जुलाई को श्रम कल्याण बोर्ड राज्य कार्यालय का करेगी घेराव

हमीरपुर/विवेकानंद वशिष्ठ :-   हिमाचल भवन सड़क एवं अन्य निर्माण मजदूर यूनियन (संबंधित सीटू) 8 जुलाई 2026 को श्रम कल्याण बोर्ड राज्य कार्यालय का घेराव करेगी। उल्लेखनीय है कि 1996 में बने देश के निर्माण मजदूरो की सामाजिक सुरक्षा के लिए बने कानून तहत राज्यों में श्रम कल्याण बोर्ड का गठन किया गया है।

 

उसी क्रम में लंबी लड़ाई के बाद हिमाचल प्रदेश में भी 2 मार्च 2009 को हिमाचल प्रदेश में कार्यरत निर्माण मजदूरों के लिए श्रम कल्याण बोर्ड का गठन किया गया है। निर्माण मजदूरों का पंजीकरण होने के बाद मजदूरों को सामाजिक सुरक्षा के लिए आर्थिक मदद मिलती है।

 

परंतु जब दिसंबर 2022 से प्रदेश में कांग्रेस / सुक्खू की सरकार बनी है तब से ही कल्याण बोर्ड में मजदूरों के हितों पर हमले किए जा रहे हैं। सुक्खू सरकार ने 2 वर्ष तक मजदूरों का पंजीकरण और लाभ रोक रखे थे परंतु प्रदेश के मजदूरों ने लगातार संघर्ष करके मजदूरों का पंजीकरण और लाभ जारी करवाने में कुछ सफलता हासिल की है।

 

परंतु आज भी सुक्खू सरकार और श्रम कल्याण बोर्ड मजदूरों को मिलने वाले लाभों से वंचित करने के लिए कई तरह के हथकंडे अपना रहे हैं। मजदूरों को कभी ई केवाईसी के नाम पर तो कभी वेरिफिकेशन के नाम पर परेशान किया जा रहा है और लाभ लेने से वंचित किया जा रहा है।

 

हिमाचल प्रदेश में कुल 4,83000 मजदूर बोर्ड से पंजीकृत हैं जिनमें अभी तक के बाल 98 हजार मजदूरों की ही केवाईसी हुई है और बाकी मजदूरों को कल्याण बोर्ड से बाहर करने का प्रयास किया जा रहा है।

 

वर्ष 2021 के बाद से ही प्रदेश के हजारों मजदूरों के लाभ जिनमें छात्रवृत्ति, शादी, मातृत्व लाभ , पेंशन, चिकित्सा, मृत्यु पर मिलने वाली सहायता राशि को जारी नहीं किया जा रहा है।

 

कानून के मुताबिक श्रम कल्याण बोर्ड में जमा राशि का 95% हिस्सा मजदूरों पर खर्च करना है जबकि 5% हिस्सा ही प्रशासनिक खर्चों के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है

 

परंतु वर्तमान समय में मजदूरों के लाभ ना देकर 30% तो प्रशासनिक खर्चों में ही इस्तेमाल करके मजदूरों को लाभों से वंचित रखकर कल्याण बोर्ड के पैसों का दुरुप्रयोग किया जा रहा है। जिसके विरोध में प्रदेश भर के हजारों मजदूर श्रम कल्याण बोर्ड के राज्य कार्यालय हमीरपुर पर 8 जुलाई 2026 को विरोध प्रदर्शन करेंगे।

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