



हमीरपुर/विवेकानंद वशिष्ठ:- पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं हमीरपुर संसदीय क्षेत्र के सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने एनआईईटी हमीरपुर में संविदा श्रमिकों के लिए आयोजित एक दिवसीय ईपीएफ एवं ईएसआई जागरूकता एवं समस्या समाधान शिविर को संबोधित करते हुए मोदी सरकार द्वारा श्रमिकों के हितों की रक्षा एवं सामाजिक सुरक्षा के लिए किए जा रहे कार्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला।


अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा, “आप सभी अनुभवी, मेहनती, ईमानदार तथा अपने दायित्वों के प्रति पूर्णतः समर्पित हैं। यह बात केवल मैं नहीं, बल्कि यह संस्थान और पूरा हिमाचल प्रदेश कहता है।




आप उस मजबूत नींव के पत्थर हैं, जिसके आधार पर यह बुलंद इमारत खड़ी है। लोगों को इमारत की ऊँचाई और सुंदरता दिखाई देती है, लेकिन वह मजबूत नींव दिखाई नहीं देती, जिस पर पूरी इमारत टिकी होती है।







आपने जिस प्रकार इस संस्थान का उत्कृष्ट रख-रखाव किया है तथा इसकी दैनिक प्रशासनिक व्यवस्था को सुचारु रूप से संचालित किया है, उसके लिए मैं आप सभी को हार्दिक बधाई देता हूँ।”


उन्होंने कहा, “हम सभी को ईपीएफ एवं ईएसआई से जुड़ी समस्याओं पर खुलकर चर्चा करनी चाहिए, उनका समाधान खोजने का प्रयास करना चाहिए तथा एक-दूसरे को जागरूक करना चाहिए।



आपका कल्याण, आपकी सामाजिक सुरक्षा तथा आपके आर्थिक हितों की रक्षा करना मोदी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। यही कारण है कि पिछले 12 वर्षों में मोदी सरकार ने आपके अधिकारों एवं हितों की सुरक्षा के लिए अनेक महत्वपूर्ण कानून बनाए हैं।


पहले देश में 29 केंद्रीय श्रम कानून थे, जिन्हें हमारी सरकार ने सुधार कर चार श्रम संहिताओं में परिवर्तित किया। इनमें अनेक ऐसे प्रावधान थे जो मजदूरों और छोटे स्तर पर कार्य करने वाले संविदा कर्मियों के हित में नहीं थे।
न उनका वर्तमान सुरक्षित था और न ही भविष्य। ये चार श्रम संहिताएँ आपके अधिकारों की रक्षा करने वाला ऐसा सशक्त कानून हैं, जो संविधान की भावना के अनुरूप आपके हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं।”
अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा, “देश में लगभग 50 करोड़ लोग संगठित एवं असंगठित क्षेत्रों में कार्यरत हैं और यह कानून उन्हीं के हितों को ध्यान में रखकर बनाए गए हैं। ये चार श्रम संहिताएँ आपको आपके श्रम का उचित पारिश्रमिक, सामाजिक सुरक्षा, एक वर्ष की सेवा के बाद ग्रेच्युटी तथा स्वास्थ्य सुरक्षा का अधिकार प्रदान करती हैं।
यदि कोई आपके अधिकारों का हनन करने का प्रयास करे या आपको कानून का गलत अर्थ समझाए, तो उसे स्पष्ट रूप से बता दीजिए कि आपको यह जानकारी है कि नरेन्द्र मोदी सरकार आपके हितों की रक्षा के लिए कौन-कौन से कानून लेकर आई है और आपको पूर्ण सम्मान एवं गरिमा के साथ आजीविका अर्जित करने का अधिकार प्राप्त है।

पहले ग्रेच्युटी प्राप्त करने के लिए कम-से-कम पाँच वर्ष तक संविदा पर कार्य करना अनिवार्य था, जिसे हमारी सरकार ने घटाकर एक वर्ष कर दिया है। सवेतन मातृत्व अवकाश को 12 सप्ताह से बढ़ाकर 26 सप्ताह किया गया है तथा 50 या उससे अधिक श्रमिकों वाले सभी संस्थानों में शिशु देखभाल केंद्र (क्रेच) की सुविधा अनिवार्य की गई है।
निश्चित अवधि के लिए नियुक्त कर्मचारियों को भी स्थायी कर्मचारियों के समान सामाजिक सुरक्षा लाभ प्रदान किए जाएंगे तथा उनके लिए ग्रेच्युटी भुगतान हेतु न्यूनतम सेवा अवधि की अनिवार्यता समाप्त कर दी गई है। इसके अतिरिक्त ग्रेच्युटी की अधिकतम सीमा को 10 लाख रुपये से बढ़ाकर 20 लाख रुपये कर दिया गया है।”
उन्होंने कहा, “इस प्रकार की अनेक सुविधाएँ श्रमिकों के हित में उपलब्ध कराई गई हैं। सदैव याद रखिए कि यह सरकार आपकी सरकार है और मोदी सरकार हमेशा आपके अधिकारों, सम्मान और हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध रहेगी।”

















