



हमीरपुर/विवेकानंद वशिष्ठ:- विद्यार्थियों में पढ़ने की आदत विकसित करने, ज्ञान के प्रति जिज्ञासा बढ़ाने तथा कल्पनाशीलता को नई उड़ान देने के उद्देश्य से हिम अकादमी पब्लिक स्कूल, विकास नगर में चार दिवसीय स्कॉलास्टिक बुक फेयर का भव्य शुभारंभ किया गया।


विद्यालय परिसर रंग-बिरंगी पुस्तकों, उत्साह और सीखने की ऊर्जा से ज्ञान और उत्साह का केंद्र बन गया ।बुक फेयर का शुभारंभ विद्यालय के चेयरपर्सन प्रो. आर.सी. लखनपाल, वाइस चेयरपर्सन सी.पी. लखनपाल, प्रधानाचार्या इंजीनियर नैना लखनपाल, हेडमिस्ट्रेस कंचन लखनपाल, अकादमिक समन्वयक मनीषा मरवाहा तथा अन्य शिक्षकों की गरिमामयी उपस्थिति में संपन्न हुआ।




इस पुस्तक मेले के सफल आयोजन में शिवानी शामा की भूमिका विशेष रूप से सराहनीय रही। उनके कुशल समन्वय, सुनियोजित प्रबंधन और रचनात्मक प्रयासों के कारण पुस्तक मेले को आकर्षक स्वरूप मिला।







विद्यार्थियों और अभिभावकों के लिए पुस्तक चयन से लेकर पूरे आयोजन की व्यवस्था को उन्होंने प्रभावी ढंग से संचालित किया, जिससे यह आयोजन सभी के लिए यादगार बन गया।



बुक फेयर में विद्यार्थियों के लिए सचित्र कहानी-पुस्तकों, विश्वकोशों, विज्ञान एवं सामान्य ज्ञान की पुस्तकों, क्लासिक साहित्य, समकालीन कथाओं, गतिविधि पुस्तकों, कॉमिक्स, ग्राफिक नॉवेल, ब्रेन टीज़र, पहेलियों तथा नैतिक मूल्यों पर आधारित साहित्य का समृद्ध संग्रह प्रदर्शित किया गया। प्रत्येक आयु वर्ग और रुचि के अनुरूप पुस्तकों ने विद्यार्थियों का विशेष आकर्षण प्राप्त किया।



इस अवसर पर प्रधानाचार्या इंजीनियर नैना लखनपाल ने कहा कि पढ़ने की आदत केवल परीक्षा तक सीमित नहीं होती, बल्कि यह व्यक्तित्व विकास, रचनात्मक सोच, भाषा कौशल और आजीवन सीखने की सबसे सशक्त आधारशिला है।


उन्होंने विद्यार्थियों को पुस्तकों को अपना सच्चा मित्र बनाने और नियमित अध्ययन की आदत विकसित करने के लिए प्रेरित किया।
पुस्तक मेले में विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह के साथ विभिन्न स्टॉलों का अवलोकन किया तथा अपनी रुचि के अनुसार पुस्तकों का चयन किया। शिक्षकों ने भी विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करते हुए उन्हें उनकी आयु और रुचि के अनुरूप पुस्तकों का चयन करने में सहायता प्रदान की।
8 से 11 जुलाई तक आयोजित यह स्कॉलास्टिक बुक फेयर विद्यार्थियों एवं अभिभावकों के लिए ज्ञान, कल्पना और सृजनशीलता का अनूठा उत्सव बन गया है।
यह आयोजन हिम अकादमी पब्लिक स्कूल की उस सतत् प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जिसके माध्यम से विद्यालय विद्यार्थियों को जिज्ञासु, आत्मविश्वासी और आजीवन सीखने वाला पाठक बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है।


















