विकास के “दावे” बेनकाब: 78 साल बाद भी अप्पर रायेपुर सड़क से वंचित, मरीजों को आज भी चारपाई पर ढोने को मजबूर

रायेपुर/ऊना:-  अब रुक जाओ, मरीज की हालत भी खस्ता हो गई है, यह शब्द केवल एक आवाज नहीं, बल्कि अप्पर रायेपुर गांव की वर्षों पुरानी पीड़ा की कहानी हैं।

जिला ऊना के कुटलैहड़ विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत थहड़ा के अप्पर रायेपुर में आजादी के 78 वर्ष बाद भी सड़क सुविधा न होने के कारण बीमार लोगों को चारपाई पर उठाकर अस्पताल पहुंचाना पड़ता है।

अब रुक जाओ, मरीज की हालत भी खस्ता हो गई है”—इस बात का दर्दनाक प्रमाण है कि सड़क के अभाव में मरीज के साथ-साथ उसे उठाकर ले जाने वाले ग्रामीण भी शारीरिक और मानसिक पीड़ा झेलते हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि यदि गांव तक वाहन योग्य सड़क होती, तो मरीज को समय पर एंबुलेंस या अन्य वाहन से अस्पताल पहुंचाया जा सकता था। लेकिन आज भी उन्हें कई किलोमीटर तक चारपाई के सहारे ही मरीज को ढोना पड़ता है। बरसात के मौसम में यह कठिनाई और भी बढ़ जाती है।

ग्रामीणों ने प्रदेश सरकार, जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से अपील की है कि अप्पर रायेपुर को शीघ्र सड़क सुविधा से जोड़ा जाए, ताकि भविष्य में किसी भी परिवार को इस तरह की दर्दनाक और मानवीय संवेदनाओं को झकझोर देने वाली स्थिति का सामना न करना पड़े।

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