“जब तक कुलपति नहीं आएंगे, तब तक भूख हड़ताल रहेगी जारी” — भवानी ठाकुर

हमीरपुर/विवेकानंद वशिष्ठ:-  अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) हिमाचल प्रदेश तकनीकी विश्वविद्यालय इकाई द्वारा विश्वविद्यालय की विभिन्न ज्वलंत समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर भूख हड़ताल शुरू की गई है। विद्यार्थी परिषद ने स्पष्ट किया है कि जब तक विद्यार्थियों की मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

HPTU की समस्याओं को लेकर ABVP का आंदोलन तेज, छात्र हितों के लिए आर-पार की लड़ाई का ऐलान

ABVP विभाग संयोजक भवानी ठाकुर ने कहा कि “जब तक कुलपति नहीं आएंगे और विद्यार्थियों की समस्याओं का समाधान नहीं होगा, तब तक भूख हड़ताल जारी रहेगी। जब तक समाधान नहीं, तब तक भोजन नहीं।” उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की समस्याओं को लगातार नजरअंदाज करना अब स्वीकार नहीं किया जाएगा।

 

विद्यार्थी परिषद ने सरकार और विश्वविद्यालय प्रशासन को स्पष्ट कर दिया है कि यह आंदोलन केवल आश्वासनों से समाप्त नहीं होगा।

 

उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश तकनीकी विश्वविद्यालय विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़ा महत्वपूर्ण संस्थान है, लेकिन लंबे समय से विश्वविद्यालय में कुलपति एवं Dean के पद रिक्त हैं। करीब दो वर्ष का समय बीतने के बावजूद कुलपति की नियुक्ति न होना सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

 

उन्होंने कहा कि जब विद्यार्थी अपनी समस्याओं को लेकर विश्वविद्यालय आएं तो वे अपनी बात आखिर किसके समक्ष रखें? विश्वविद्यालय के शीर्ष पदों का रिक्त रहना सीधे तौर पर प्रशासनिक एवं शैक्षणिक व्यवस्था को प्रभावित करता है।

 

विद्यार्थी परिषद की प्रमुख मांगें

 

1. कुलपति एवं Dean के रिक्त पद तत्काल भरे जाएं।

HPTU में लंबे समय से रिक्त चल रहे Vice Chancellor एवं Dean के पदों को शीघ्र भरा जाए, ताकि विश्वविद्यालय का प्रशासनिक एवं शैक्षणिक कार्य प्रभावी ढंग से संचालित हो सके।

 

2. HPTU को Aided Institution बनाया जाए।

Self-Finance मॉडल के कारण विद्यार्थियों पर पड़ रहे आर्थिक बोझ को कम करने के लिए विश्वविद्यालय को Aided Institution बनाया जाए, ताकि विद्यार्थियों को आर्थिक राहत मिल सके।

 

3. छात्र संघ चुनाव बहाल किए जाएं।

विद्यार्थियों को लोकतांत्रिक अधिकार प्रदान करते हुए छात्र संघ चुनाव तत्काल बहाल किए जाएं, ताकि विद्यार्थी अपनी समस्याओं एवं मांगों को लोकतांत्रिक तरीके से विश्वविद्यालय प्रशासन के समक्ष रख सकें।

 

4. अंतिम सेमेस्टर में Tuition Fee पर स्थिति स्पष्ट की जाए।

जब अंतिम सेमेस्टर में नियमित कक्षाएं नहीं लगती हैं, तो विद्यार्थियों से Tuition Fee किस आधार पर ली जा रही है, इसका स्पष्ट जवाब दिया जाए तथा विद्यार्थियों पर पड़ रहे अनावश्यक आर्थिक बोझ को समाप्त किया जाए।

 

5. विश्वविद्यालय कैंटीन शीघ्र शुरू की जाए।

HPTU परिसर में विद्यार्थियों की सुविधा के लिए विश्वविद्यालय कैंटीन को जल्द शुरू किया जाए, ताकि विद्यार्थियों को परिसर में उचित एवं सुलभ भोजन की सुविधा मिल सके।

 

भवानी ठाकुर ने कहा कि विद्यार्थियों की मांगें किसी व्यक्तिगत हित से जुड़ी हुई नहीं हैं, बल्कि पूरे विश्वविद्यालय के छात्र समुदाय के हित से जुड़ी हैं। सरकार यदि विद्यार्थियों की समस्याओं को लेकर गंभीर है तो उसे तत्काल इन मांगों पर निर्णय लेना चाहिए।

 

उन्होंने कहा कि विद्यार्थी परिषद ने लंबे समय से लोकतांत्रिक तरीके से विद्यार्थियों की आवाज उठाई है, लेकिन लगातार अनदेखी के कारण अब आंदोलन को तेज करने के लिए मजबूर होना पड़ा है। केवल आश्वासन देकर विद्यार्थियों की आवाज को शांत नहीं किया जा सकता।

 

ABVP ने सरकार एवं विश्वविद्यालय प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि जब तक मांगों पर ठोस और सकारात्मक कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। विद्यार्थी परिषद छात्र हितों के लिए हर लोकतांत्रिक मंच पर संघर्ष करेगी।

 

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