विदेश से डॉक्टरी करने वाले और दो बार चुनाव हारने वाले डॉक्टर हिमाचल के सबसे बड़े न्यूरो सर्जन डॉक्टर जनक को ना दे सलाह: इंजीनियर नरेंद्र ठाकुर 

हमीरपुर/विवेकानंद वशिष्ठ:-  पहले प्रदेश के अस्पतालों की हालत सुधारे सरकार फिर रोके डॉक्टर जनक को इलाज करने से विदेश से डॉक्टरी करने वाले और दो बार चुनाव हारने वाले डॉक्टर प्रदेश के सबसे बड़े न्यूरो सर्जन एवं विधायक डॉक्टर जनक राज को सलाह देना बंद करें।

 

डॉक्टर जनक प्रदेश के हजारों मरीजों के लिए मसीहा बनकर काम करते आए हैं और आज कुछ लोग बयान बाजी करके उनकी जन सेवा को रोकने का प्रयास कर रहे हैं। यह बात भाजपा मंडल सुजानपुर के मीडिया प्रभारी नरेंद्र ने पत्रकारों से बात करते हुए कही।

 

नरेंद्र ने बताया कि नादौन में मेडिकल कैंप लगाने को लेकर जिस परमिशन न लेने की बात को हमीरपुर के डॉक्टर कर रहे हैं उन्हें पता होना चाहिए कि इसके लिए सीएमओ कार्यालय हमीरपुर में बाकायदा आवेदन किया गया था उस पर कार्यालय की बाकायदा मोहर लगी हुई है।

 

अधूरी जानकारी को लेकर लोगों को गुमराह करने का प्रयास न करें। डॉक्टर जनक के गरीब परिवार से निकलकर डॉक्टर बने थे और उन्होंने हमेशा जरूरतमंद मरीजों की मदद के लिए काम किया है और प्रदेश के सबसे बड़े चिकित्सा संस्थान के वह एमएस रह चुके हैं।

 

उन्होंने देश में रहकर डॉक्टर की पढ़ाई की थी ना कि विदेश से पढ़कर आए थे। एक न्यूरो सर्जन प्राइवेट अस्पताल में कितनी फीस लेता है इसे जनता जानती है और डॉक्टर जनक फ्री में लोगों का इलाज करते हैं।

 

आज हिमाचल के अस्पतालों में इलाज की मशीन कई जगह पर खराब पड़ी हुई है डॉक्टरों की कमी है सरकार इसे बेहतर बनाने की बजाय जो लोग जन सेवा कर रहे हैं उन्हें भी रोकने का प्रयास कर रही है।

 

पिछले दिनों नादान अस्पताल में भी एक मरीज के लिए ना तो डॉक्टर मिला और ना ही एंबुलेंस मुख्यमंत्री के क्षेत्र में ऐसी स्थिति अस्पतालों की स्थिति को बयां करती है।

 

दो बार चुनाव हारने वाले को जनता अब नकार चुकी है। पुष्पेंद्र वर्मा लगातार दो चुनाव हार चुके है कांग्रेसी सरकार में उप चुनाव भी नहीं जीत पाये

बेचारे अब सुक्खू के चाटुकार बन कर लगे है ताकि उसको अगला टिकट मिल जाये

क्योंकि अगला टिकट सुखु सुनील बिट्टू को देगा ये लग रहा है.

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