



हमीरपुर/विवेकानंद वशिष्ठ:- अदालतों में लंबित मामलों को मध्यस्थता, सुलह एवं आपसी सहमति से निपटाने हेतु अब ‘मध्यस्थता राष्ट्र के लिए 3.0’ अभियान शुरू किया गया है।

जिला हमीरपुर की अदालतों में भी शुरू हुआ ‘मध्यस्थता राष्ट्र के लिए 3.0’ अभियान



जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण के सचिव कुलदीप शर्मा ने बताया कि अदालतों में लंबित मामलों का निपटारा मध्यस्थता, सुलह एवं आपसी सहमति से भी किया जा सकता है।






इससे दोनों पक्षों के समय और धन की बचत होती है तथा उनमें सौहार्दपूर्ण संबंध भी बने रहते हैं। कुलदीप शर्मा ने बताया कि अदालतों में कई मामले लंबे समय तक लंबित रहते हैं।


इससे दोनों पक्षों का बहुमूल्य समय और धन खर्च होता है। इससे बचने के लिए मध्यस्थता, सुलह एवं आपसी सहमति एक बहुत ही अच्छा माध्यम हो सकता है। इसी के मद्देनजर राष्ट्रीय विधिक सेवाएं प्राधिकरण (नालसा) ने ‘मध्यस्थता राष्ट्र के लिए 3.0’ अभियान शुरू किया है।



कुलदीप शर्मा ने बताया कि नालसा मध्यस्थता एवं सुलह परियोजना समिति का यह अभियान जिला हमीरपुर की सभी अदालतों में भी शुरू किया गया है। अगर कोई पक्ष इस अभियान के तहत अपने केस का निपटारा करवाना चाहता है तो वह संबंधित अदालत में आवेदन कर सकता है। मध्यस्थता के लिए कोई भी शुल्क नहीं लिया जाएगा।


कुलदीप शर्मा ने बताया कि वैवाहिक विवाद, अन्य पारिवारिक विवाद, चैक बाउंस के मामले, ऋण वसूली, वाहनों के चालान, दुर्घटनाओं से संबंधित केस, क्रिमिनल कपाउंडेबल अपराध, समझौते के योग्य आपराधिक मामले, बीमा और एलए इत्यादि से संबंधित मामलों को मध्यस्थता से निपटाया जा सकता है।
इसके अतिरिक्त विभाजन और बेदखली के मुकदमें, भूमि अधिग्रहण तथा अन्य उपयुक्त नागरिक मामलों को भी मध्यस्थता के माध्यम से सुलझाने का प्रयास किया जाएगा। जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण के सचिव ने संबंधित लोगों से इस सुविधा का लाभ उठाने की अपील की है।
अधिक जानकारी के लिए नालसा के हेल्पलाइन नंबर 15100 पर या जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण के दूरभाष नंबर 01972-224399 या ईमेल पर भी संपर्क किया जा सकता है।


















