पंचायत प्रतिनिधि लोकतंत्र की सबसे मजबूत कड़ी, गांवों के विकास में निभाएं अग्रणी भूमिका: अनुराग ठाकुर

हमीरपुर/विवेकानंद वशिष्ठ:-  भोरंज में आयोजित पंचायत प्रतिनिधि सम्मान समारोह में हमीरपुर सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने क्षेत्र के नवनिर्वाचित पंचायती राज संस्थाओं के जनप्रतिनिधियों को सम्मानित किया। समारोह में बड़ी संख्या में नवनिर्वाचित पंचायत प्रतिनिधियों ने भाग लिया। अनुराग ठाकुर समारोह के मुख्य अतिथि रहे।

भोरंज में पंचायत प्रतिनिधि सम्मान समारोह आयोजित, नवनिर्वाचित पंचायत प्रतिनिधियों को अनुराग ठाकुर ने किया सम्मानित

इस अवसर पर भाजपा जिला अध्यक्ष राकेश ठाकुर, जिला सह-प्रभारी प्रियव्रत शर्मा, पूर्व विधायक डॉ. अनिल धीमान एवं कमलेश कुमारी, वरिष्ठ नागरिक प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक देवराज, जिला परिषद अध्यक्ष अनीता देवी तथा पूर्व जिला अध्यक्ष एवं प्रदेश कार्यसमिति सदस्य देशराज शर्मा सहित भाजपा के अनेक पदाधिकारी, कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में पंचायती राज संस्थाओं के नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

नवनिर्वाचित प्रतिनिधियों को बधाई देते हुए अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि पंचायती राज संस्थाएं भारतीय लोकतंत्र की वह आधारशिला हैं, जहां लोकतंत्र सीधे जनता के द्वार तक पहुंचता है।

गांव की सड़क, पेयजल, स्वच्छता, शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तीकरण, युवाओं के लिए अवसर और स्थानीय विकास से जुड़े अधिकांश विषयों का सीधा संबंध पंचायतों से है। इसलिए पंचायत प्रतिनिधियों की भूमिका केवल विकास कार्यों तक सीमित नहीं, बल्कि ग्रामीण समाज को आगे बढ़ाने और लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करने में भी अत्यंत महत्वपूर्ण है।

उन्होंने कहा कि जनता ने नवनिर्वाचित प्रतिनिधियों को अपना विश्वास और जिम्मेदारी सौंपी है। यह सम्मान केवल किसी पद या चुनाव में जीत का सम्मान नहीं, बल्कि जनता के विश्वास और जनसेवा के संकल्प का सम्मान है।

 

पंचायत प्रतिनिधियों को चाहिए कि वे दलगत भावना से ऊपर उठकर प्रत्येक गांव और प्रत्येक परिवार के विकास के लिए काम करें तथा समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास योजनाओं का लाभ पहुंचाने में अपनी भूमिका निभाएं।

 

अनुराग ठाकुर ने कहा कि सशक्त पंचायतें ही सशक्त गांव और सशक्त हिमाचल की नींव रखती हैं। केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने पंचायती राज संस्थाओं को मजबूत करने, ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत ढांचा विकसित करने और स्थानीय स्तर पर विकास को गति देने के लिए अनेक महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।

 

डिजिटल तकनीक, पारदर्शिता और जनभागीदारी ने पंचायतों के कामकाज को नई दिशा दी है। आज गांवों में विकास की गति पहले से कहीं अधिक तेज हुई है और पंचायत प्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी से इन प्रयासों को और प्रभावी बनाया जा सकता है।

 

उन्होंने नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों से आह्वान किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों की प्राथमिकताओं को पहचानकर विकास का स्पष्ट रोडमैप तैयार करें। उन्होंने कहा कि पंचायत भवन केवल बैठकों का स्थान नहीं, बल्कि गांव के भविष्य की योजनाएं तैयार करने का केंद्र होना चाहिए।

 

जनप्रतिनिधि जनता और प्रशासन के बीच प्रभावी सेतु की भूमिका निभाते हुए पारदर्शिता, जवाबदेही और जनभागीदारी को प्राथमिकता दें।

 

उन्होंने कहा कि महिलाओं, युवाओं, किसानों, बुजुर्गों और कमजोर वर्गों की आवश्यकताओं को पंचायत स्तर पर विकास योजनाओं में विशेष स्थान मिलना चाहिए।

 

पंचायतों में उपलब्ध संसाधनों का सदुपयोग करते हुए स्थानीय रोजगार, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और आत्मनिर्भर गांव की दिशा में भी ठोस प्रयास किए जाने चाहिए।

 

समारोह में उपस्थित भाजपा नेताओं ने भी नवनिर्वाचित पंचायत प्रतिनिधियों को शुभकामनाएं देते हुए उन्हें जनसेवा के नए दायित्व के लिए बधाई दी।

 

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