



हमीरपुर/विवेकानंद वशिष्ठ:- हमीरपुर के राजकीय पॉलीटेक्निक कॉलेज बड़ू के छात्र सर्वेश शर्मा और उनके साथियों पीयूष शर्मा, सूरज नड्डा तथा लक्ष्य ठाकुर की उल्लेखनीय तकनीकी उपलब्धि पर पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं हमीरपुर सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने उन्हें बधाई देते हुए सम्मानित किया।

उन्होंने इन युवा नवप्रवर्तकों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि सीमित संसाधनों से शुरू किया गया यह प्रयास अब राष्ट्रीय रक्षा नवाचार से जुड़ी एक महत्वपूर्ण परियोजना तक पहुंच गया है।



सर्वेश शर्मा, पीयूष शर्मा, सूरज नड्डा और लक्ष्य ठाकुर ने तकनीकी नवाचार से हमीरपुर का नाम रोशन किया






सर्वेश शर्मा ने लगभग ₹87,000 की लागत से ड्रोन का प्रारंभिक प्रोटोटाइप तैयार किया था। इसके बाद उनके प्रोजेक्ट को रक्षा मंत्रालय से संबद्ध डिफेंस इनोवेशन आर्गेनाईजेशन और इन्नोवशन्स फॉर डिफेन्स एक्सीलेंस के अंतर्गत ₹3.50 करोड़ की ग्रांट के लिए स्वीकृति मिली है।


अब सर्वेश शर्मा रुद्रा एज टी-1 (स्पेक्ट्रम) ड्रोन के विकास पर काम करेंगे, जिसका उद्देश्य भारतीय सेना की सीमा निगरानी संबंधी आवश्यकताओं के लिए तकनीकी समाधान विकसित करना है।




परियोजना का इनक्यूबेशन आई आई टी रुड़की में किया जाएगा और इसे लगभग 20 महीने में पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।


अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि सर्वेश शर्मा और उनके साथियों की उपलब्धि इस बात का प्रमाण है कि प्रतिभा केवल बड़े शहरों, बड़े संस्थानों या बड़े संसाधनों की मोहताज नहीं होती।
हमीरपुर के एक पॉलीटेक्निक कॉलेज के विद्यार्थियों ने जिस तरह एक छोटे स्तर के प्रोटोटाइप को रक्षा क्षेत्र की वास्तविक आवश्यकता से जोड़ते हुए आगे बढ़ाया है, वह हिमाचल प्रदेश के युवाओं की तकनीकी क्षमता, रचनात्मक सोच और आत्मविश्वास को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि इस उपलब्धि का सबसे महत्वपूर्ण पहलू केवल ₹3.5 करोड़ की स्वीकृत ग्रांट नहीं, बल्कि एक विद्यार्थी के विचार का प्रयोगशाला से निकलकर राष्ट्रीय सुरक्षा की आवश्यकता से जुड़ना है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत और रक्षा क्षेत्र में स्वदेशी तकनीक को बढ़ावा देने के प्रयासों के अनुरूप ऐसे युवा नवप्रवर्तक भारत की तकनीकी आत्मनिर्भरता को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि ड्रोन और अन्मैण्ड सिस्टम्स आने वाले समय में निगरानी, आपदा प्रबंधन, कृषि, संचार तथा रक्षा सहित अनेक क्षेत्रों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले हैं।
ऐसे में हिमाचल के युवाओं का इस क्षेत्र में आगे आना विशेष रूप से उत्साहजनक है। उन्होंने कहा कि सर्वेश शर्मा, पीयूष शर्मा, सूरज नड्डा और लक्ष्य ठाकुर की मेहनत यह संदेश देती है कि यदि युवाओं को अवसर, मार्गदर्शन और अपनी प्रतिभा को प्रयोग में लाने का वातावरण मिले, तो छोटे शहरों और सामान्य पृष्ठभूमि से निकलने वाले विद्यार्थी भी देश की बड़ी तकनीकी चुनौतियों के समाधान में योगदान दे सकते हैं।
उन्होंने सर्वेश शर्मा और उनकी पूरी टीम को आगामी चरण के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आई आई टी रुड़की में परियोजना के अगले चरण में उन्हें अत्याधुनिक प्रयोगशाला सुविधाओं, विशेषज्ञ मार्गदर्शन और तकनीकी संसाधनों का लाभ मिलेगा।
अब उनके सामने अपने प्रारंभिक विचार को वैज्ञानिक परीक्षण, इंजीनियरिंग विकास और निर्धारित मानकों के अनुरूप एक सक्षम प्रणाली में बदलने की चुनौती है।
उन्होंने कहा कि ₹87 हजार से शुरू हुआ यह सफर ₹3.5 करोड़ की रक्षा परियोजना तक पहुंचना केवल आर्थिक विस्तार की कहानी नहीं है, बल्कि विचार, परिश्रम, नवाचार और आत्मविश्वास की शक्ति का उदाहरण है।
हमीरपुर के इन युवाओं ने पूरे प्रदेश को गौरवान्वित किया है और उनकी उपलब्धि हिमाचल के हजारों विद्यार्थियों को अनुसंधान, तकनीक, स्टार्टअप और नवाचार के क्षेत्र में आगे बढ़ने की प्रेरणा देगी।
अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि हमीरपुर के इन युवाओं की उपलब्धि स्थानीय प्रतिभा से राष्ट्रीय आवश्यकता तक की यात्रा का उदाहरण है। उन्होंने कहा कि देश की युवा शक्ति जब ज्ञान, तकनीक और राष्ट्रसेवा की भावना के साथ आगे बढ़ती है, तो उसके परिणाम दूरगामी होते हैं।




