करुणामूलक नौकरी: अधिकांश विभागों और बोर्डों की सूची जारी, पशुपालन विभाग की सूची का अब भी इंतजार

हमीरपुर/विवेकानंद वशिष्ठ:-  हिमाचल प्रदेश में करुणामूलक आधार पर सरकारी नौकरी पाने की उम्मीद लगाए बैठे अभ्यर्थियों का इंतजार लगातार लंबा होता जा रहा है। प्रदेश के विभिन्न विभागों और बोर्डों में करुणामूलक आधार पर नियुक्तियों से संबंधित सूचियां जारी होने तथा कई अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र मिलने के बाद अब पशुपालन विभाग के अभ्यर्थियों की निगाहें भी अपनी सूची पर टिकी हुई हैं। लेकिन पशुपालन विभाग में अब तक सूची जारी न होने के कारण पात्र अभ्यर्थियों में निराशा बढ़ रही है।

हिमाचल प्रदेश में करुणामूलक आधार पर सरकारी नौकरी का इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों में निराशा, पशुपालन विभाग की कार्यप्रणाली पर उठ रहे सवाल

अभ्यर्थियों का कहना है कि उन्होंने अपने परिवार के कमाने वाले सदस्य को खोने के बाद आर्थिक और पारिवारिक परिस्थितियों के बीच करुणामूलक आधार पर नौकरी के लिए आवेदन किया था। इस योजना का उद्देश्य ही ऐसे परिवारों को कठिन समय में आर्थिक सहारा प्रदान करना है। इसके बावजूद वर्षों से आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों को नियुक्ति के संबंध में स्पष्ट जानकारी नहीं मिल पा रही है।

 

एक अभ्यर्थी ने बताया कि उनके पिता का वर्ष 2018 में निधन हो गया था। इसके बाद उन्होंने पशुपालन विभाग में तृतीय श्रेणी (क्लास-III) के पद पर करुणामूलक आधार पर नौकरी के लिए आवेदन किया था। उनका कहना है कि वह लंबे समय से विभागीय कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं। इस मामले को लेकर संबंधित अधिकारियों और मंत्री के समक्ष भी अपनी बात रख चुके हैं, लेकिन अभी तक उन्हें कोई ठोस समाधान नहीं मिला है।

 

अभ्यर्थी का कहना है कि जब प्रदेश के अन्य विभागों में करुणामूलक नियुक्तियों की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है, तो पशुपालन विभाग के अभ्यर्थियों को भी यह जानने का अधिकार है कि उनकी फाइलें किस स्थिति में हैं और नियुक्तियों की प्रक्रिया कब तक पूरी होगी।

 

उन्होंने प्रदेश सरकार और संबंधित विभाग के उच्च अधिकारियों से मांग की है कि पशुपालन विभाग में करुणामूलक आधार पर लंबित मामलों की समीक्षा की जाए, पात्र अभ्यर्थियों की सूची जल्द जारी की जाए तथा नियुक्ति प्रक्रिया को पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए।

 

अभ्यर्थियों को सरकार से उम्मीद

 

लंबे समय से नियुक्ति की प्रतीक्षा कर रहे अभ्यर्थियों को उम्मीद है कि प्रदेश सरकार इस विषय पर गंभीरता से संज्ञान लेगी और पशुपालन विभाग को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश देगी, ताकि पात्र परिवारों को जल्द राहत मिल सके। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब अन्य विभागों में नियुक्तियों की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है, तो पशुपालन विभाग की सूची जारी करने में देरी क्यों हो रही है?

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