राष्ट्रीय बाल सुरक्षा कार्यक्रम की अर्धवार्षिक समीक्षा बैठक आयोजित

हमीरपुर/विवेकानंद वशिष्ठ:-  जिला हमीरपुर में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सतीश कुमार फोतेदार की अध्यक्षता में राष्ट्रीय बाल सुरक्षा कार्यक्रम (RBSK) की अर्धवार्षिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

बैठक में जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अजय अत्री के साथ डॉ. आकृति और डॉ. कंचन बाला भी उपस्थित रहीं। इस बैठक में जिले में कार्यक्रम के अंतर्गत कार्यरत 11 टीमों ने भाग लिया।

 

बैठक के दौरान राष्ट्रीय बाल सुरक्षा कार्यक्रम के अंतर्गत बच्चों के स्वास्थ्य परीक्षण की प्रगति की समीक्षा की गई। इस कार्यक्रम के तहत स्वास्थ्य विभाग की टीमें विभिन्न स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों में जाकर बच्चों के स्वास्थ्य की जांच करती हैं, ताकि उनमें स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की समय पर पहचान कर आवश्यक उपचार उपलब्ध करवाया जा सके।

 

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सतीश कुमार फोतेदार ने संबंधित टीमों को जिले के स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों में बच्चों की स्वास्थ्य जांच नियमित रूप से सुनिश्चित करने तथा निर्धारित लक्ष्यों को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए।

 

बैठक में जानकारी दी गई कि राष्ट्रीय बाल सुरक्षा कार्यक्रम (RBSK) की टीमों ने पिछले छह महीनों के दौरान आंगनवाड़ी केंद्रों में बच्चों की स्वास्थ्य जांच का लगभग 50 प्रतिशत लक्ष्य पूरा कर लिया है।

 

शेष बच्चों की जांच निर्धारित समयावधि में पूरी करने के लिए टीमों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

 

राष्ट्रीय बाल सुरक्षा कार्यक्रम के अंतर्गत बच्चों में जन्मजात विकृतियों, बीमारियों, पोषण संबंधी कमियों और विकास में देरी जैसी समस्याओं की पहचान की जाती है। आवश्यकता पड़ने पर बच्चों को आगे की जांच, उपचार और रेफरल सेवाएं भी उपलब्ध करवाई जाती हैं।

 

अभी तक हमीरपुर में इस वर्ष 15 बच्चों की सर्जरी हो चुकी हैं l

 

 

 

मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने सभी टीमों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने और बच्चों को समय पर बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाने पर जोर दिया, ताकि जिले में बच्चों के स्वास्थ्य स्तर में सुधार सुनिश्चित किया जा सके।

 

इसके अतिरिक्त, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सतीश कुमार फोतेदार ने निर्देश दिए कि राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (RBSK) की टीमें जब भी स्कूलों में परीक्षण के लिए जाएं, तो वहां एचपीवी (HPV) टीकाकरण के महत्व के बारे में भी बच्चों, एवं शिक्षकों को जागरूक करें।

 

उन्होंने टीबी मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत संचालित JOSH (Joint Squared for Health) कार्यक्रम के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए टीबी उन्मूलन के लिए जनभागीदारी एवं जागरूकता के महत्व पर प्रकाश डाला।

 

इसके साथ ही उन्होंने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के अंतर्गत संचालित विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों की जानकारी साझा की तथा निर्देश दिए कि इन योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने और स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने के लिए सभी संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी समन्वय के साथ कार्य करें।

 

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