



हमीरपुर/विवेकानंद वशिष्ठ:- मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय के सभागार में मुख्य चिकित्सा अधिकारी सतीश कुमार फोतेदार की अध्यक्षता में सी ऍम ओ ऑफिस के कांफ्रेंस हॉल में ज़िला स्तरीय मासिक समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया।


जिसमें जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अजय अत्री, जिला कार्यक्रम अधिकारी डा. नेहा पटियाल, डा.आकृति, डा. कंचन माला, सभी खण्ड चिकित्सा अधिकारी, जनशिक्षा एवं सम्प्रेस्ष्ण अधिकारी सुनील कुमार, स्वास्थ्य पर्यवेक्षक , ब्लाक प्रोग्राम मैनेजेर उपस्थित रहे l




इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा स्वास्थ्य विभाग द्वारा चलाई जा रही सभी योजनाओं की विस्तार से समीक्षा की गई। जिसमें प्रमुख रूप से एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमावायरस) टीकाकरण अभियान के अंतर्गत जो बच्चे छुट रहे हैं उनको भी टीकाकरण करना सुनिश्चित किया जाये ताकि कोई भी बच्चा छूट न जाये, ये टीके सभी सरकारी, प्राइवेट स्कूलों और सभी सरकारी अस्पतालों में मुफ्त लगाये जा रहे हैं।






उन्होंने कहा कि कम उपलब्धि वाले खंडों में एचपीवी टीकाकरण को बढ़ावा देने के लिए स्कूलों में जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जाएं तथा नियमित रूप से टीकाकरण सत्र आयोजित किए जाएं।



जितनी भी गर्भवती महिलायें हैं उनका पंजीकरण अति शीघ्र किया जाये l और अति जोखिम वाली महिलायों को अति शीघ्र पहचान सुनिश्चित करना और बताया कि प्रसव पूर्व अवधि के दौरान ही गर्भवती महिलाओं को परिवार नियोजन के तरीकों को अपनाने के लिए परामर्श दिया जाना चाहिए।





बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने सभी बीएमओ को स्वास्थ्य सेवाओं की नियमित जांच और सही रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए।


नियमित टीकाकरण के लिए बनाए गए सत्रों की सही तरीके से निगरानी करने को कहा गया। टिकाकर्ण को उविन पोर्टलपर उस डाटा को डाला जाये उन्होंने कहा कि बच्चों को हर बुधवार दी जाने वाली आयरन की गोली की भी ठीक से निगरानी होनी चाहिए।
साथ ही बाल मृत्यु और मृत जन्म के मामलों की जानकारी हर महीने की बैठक में शामिल कर जिला स्तर पर साझा करने के निर्देश दिए।
रास्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यकरम के उपर भी विस्तार पूर्वक चर्चा की गयी I
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने कहा कि गर्भवती महिलाओं का समय पर पंजीकरण किया जाए, और अति जोखिम बाली माहिलाओं की पहचान सुनिशित की जाये।

प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत गर्भवती महिलाओं की चौथी जांच का विवरण पोर्टल पर जरूर दर्ज किया जाए और रिपोर्ट सही रखी जाए।
उन्होंने परिवार नियोजन कार्यक्रम की भी नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए। विशेष रूप से प्रसव के बाद लगाए जाने वाले पीपीआईयूसीडी सहित परिवार नियोजन की विभिन्न विधियों की जानकारी और उपलब्धि की समीक्षा करने को कहा।
उन्होंने सभी ब्लॉकों को अपनी मासिक बैठक की तारीखें समय पर जिला मुख्यालय को बताने के निर्दे




