गर्भधारण पूर्व व प्रसव पूर्व निदान तकनीक की बैठक हुई सम्पन्न: डॉ. सतीश कुमार फोतेदार

हमीरपुर/विवेकानंद वशिष्ठ:-  मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सतीश कुमार फोतेदार की अध्यक्षता में गर्भधारण पूर्व और प्रसव पूर्व निदान तकनीक अधिनियम, 1994 त्रैमासिक बैठक मुख्य चिकित्सा अधिकारी के कार्यलय मैं सम्पन्न हुई।

 

PCPNDT अधिनियम (गर्भधारण पूर्व और प्रसवपूर्व निदान तकनीक अधिनियम, 1994) जिले में कन्या भ्रूण हत्या को रोकने और गिरते लिंगानुपात में सुधार करने मैं इस बैठक का आयोजन किया गया।

 

पीसी एंड पीएनडीटी एक्ट के तहत जिला स्तरीय सलाहकार समिति की बैठक मैं यह निर्णय लिया गया की खंड और जिला द्वारा समय समय पर अल्ट्रासाउंड केंद्रों का नियमित और औचक निरीक्षण किया जाये । ताकि जघन्य अपराध को रोका जाये ।

 

पहली बार अपराध करने परः 3 साल जेल और 10,000 रुपये से लेकर 50,000 तक का जुर्माना हो सकता है।

 

बार-बार या गंभीर उल्लंघन परः सजा और जुर्माने की राशि बढ़ जाती है (धारा 22/2 तहत 5 साल तक की जेल और 50.000 से 1,000,00 तक का जुर्माना)।

 

डॉ. सतीश कुमार फोतेदार ने कहा कि जिले में पीसी. एंड पीएनडीटी एक्ट-1994 की प्रभावी अनुपालना सुनिश्चित की जाये ताकि गर्भ मैं कन्या भूर्ण हत्या को रोका जाये ।

 

इस बैठक मैं जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अजय अत्री, डॉ.अमनदीप , डॉ.पूनम, जिला जन संपर्क अधिकारी अनिल और सहायक जिला न्यायवादी सुभाष चंद, आदि उपस्थित रहे ।

 

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