



हमीरपुर/विवेकानंद वशिष्ठ:- हिम अकादमी पब्लिक स्कूल, विकास नगर के विद्यार्थियों ने 37वीं सी एस सी जिला स्तरीय प्रतियोगिताओं में लहराया परचम विकास नगर: हिम अकादमी पब्लिक स्कूल, विकास नगर के विद्यार्थियों ने 37वीं सी एस सी जिला स्तरीय विज्ञान एवं गणित प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन करते हुए विद्यालय का नाम रोशन किया।

एस डी पब्लिक स्कूल में आयोजित इन प्रतियोगिताओं में 500 से अधिक विद्यालयों ने भाग लिया। हिम अकादमी पब्लिक स्कूल विकास नगर के विद्यार्थियों ने कुल 7 ट्रॉफियाँ जीतकर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया।



इसके साथ ही कई विद्यार्थियों ने राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं के लिए भी स्थान सुनिश्चित किया किया। जूनियर वर्ग में कक्षा आठवीं के आदवन और क्षितिज ने विज्ञान प्रश्नोत्तरी में द्वितीय स्थान प्राप्त किया।






वहीं, कक्षा आठवीं के अथर्व ने गणित ओलंपियाड में तृतीय स्थान हासिल कर राज्य स्तर के लिए क्वालीफाई किया। सीनियर वर्ग में कक्षा दसवीं के रौनव ने एक्टिविटी कॉर्नर में प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि अद्वैत राणा ने गणित ओलंपियाड में प्रथम स्थान हासिल किया।



दोनों विद्यार्थियों ने राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं के लिए क्वालीफाई किया। सीनियर सेकेंडरी वर्ग में कक्षा बारहवीं के अनिकेत कौंडल ने गणित ओलंपियाड में प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि कक्षा ग्यारहवीं के भावेश ने मॉडल प्रतियोगिता में प्रथम स्थान हासिल किया।





दोनों विद्यार्थियों का चयन राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं के लिए हुआ। विद्यार्थियों की इस सफलता में उनके मार्गदर्शक शिक्षकों का महत्त्वपूर्ण योगदान रहा।


जूनियर गणित ओलंपियाड के लिए शीतल, जूनियर एक्टिविटी कॉर्नर के लिए गरिमा, सीनियर गणित ओलंपियाड के लिए प्रदीप, सीनियर एक्टिविटी कॉर्नर के लिए प्रतिभा, सीनियर सेकेंडरी गणित ओलंपियाड के लिए सीमा ठाकुर तथा नवाचारी मॉडल के लिए विवेक और सुश्री ज्योति ने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया।
सीएससी प्रभारी विकास कुमार की इस उपलब्धि में मुख्य भूमिका रही। विद्यार्थियों की इस उपलब्धि ने विद्यालय की शैक्षणिक उत्कृष्टता, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और नवाचार को प्रोत्साहित करने की प्रतिबद्धता को पुनः सिद्ध किया है।
राज्य स्तर के लिए चयनित विद्यार्थियों से आगामी प्रतियोगिताओं में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन की उम्मीद है। यह सफलता विद्यार्थियों की मेहनत, शिक्षकों के समर्पित मार्गदर्शन और विद्यालय के निरंतर प्रयासों का परिणाम है।





