



हमीरपुर/विवेकानंद वशिष्ठ:- जिला हमीरपुर में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने तथा स्वास्थ्य संस्थानों में उपलब्ध सुविधाओं का जायजा लेने के उद्देश्य से मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सतीश कुमार फोतेदार ने आज दिनांक 24 अक्टूबर 2026 को सिविल अस्पताल टौणी देवी का औचक निरीक्षण किया।


इस निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति का आकलन करना तथा मरीजों को बेहतर, सुचारू एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाना सुनिश्चित करना था।




निरीक्षण के दौरान मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने अस्पताल की कार्यप्रणाली, स्वास्थ्य सेवाओं की व्यवस्था तथा मरीजों को उपलब्ध करवाई जा रही सुविधाओं का जायजा लिया।







उन्होंने अस्पताल में साफ-सफाई, मरीजों की देखभाल, स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता और अस्पताल की व्यवस्थाओं को सुचारू बनाए रखने के महत्व पर जोर दिया।



उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य संस्थानों में आने वाले प्रत्येक मरीज को समय पर उचित उपचार एवं बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलनी चाहिए।





इसके लिए स्वास्थ्य संस्थानों में व्यवस्थाओं का नियमित निरीक्षण और निगरानी आवश्यक है, ताकि स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार किया जा सके और आम जनता का स्वास्थ्य विभाग के प्रति विश्वास बना रहे।


मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने स्वास्थ्य संस्थानों में कार्यरत अधिकारियों एवं कर्मचारियों की जिम्मेदारी को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि मरीजों के साथ उचित व्यवहार, उनकी समस्याओं का समय पर समाधान तथा स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता बनाए रखना विभाग की प्राथमिकताओं में शामिल है।
उन्होंने यह भी जोर दिया कि सभी स्वास्थ्य संस्थानों में निर्धारित मानकों के अनुरूप व्यवस्थाएं बनाए रखी जाएं, ताकि मरीजों को उपचार प्राप्त करने में किसी प्रकार की अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
जिला स्वास्थ्य विभाग हमीरपुर द्वारा जिले के विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों में उपलब्ध सुविधाओं की समीक्षा एवं निगरानी के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
विभाग का उद्देश्य जिला हमीरपुर के ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सुलभ, सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाना है।

इस प्रकार के औचक निरीक्षणों के माध्यम से स्वास्थ्य संस्थानों की कार्यप्रणाली का आकलन करने, उपलब्ध सुविधाओं को बेहतर बनाने तथा मरीजों को अधिक प्रभावी स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने में सहायता मिलती है।




