



गाजियाबाद/विवेकानंद वशिष्ठ:- पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं हमीरपुर संसदीय क्षेत्र के सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने गाजियाबाद में दिव्य प्रेम सेवा मिशन द्वारा आयोजित छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन पर आधारित विश्व के सबसे बड़े ऐतिहासिक महानाट्य जाणता राजा के मंचन कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया।

विदेशी आयातित विचारधारा के लोग लोकतंत्र, संविधान और राष्ट्रवाद का ज्ञान न दें; हम भारतीय राष्ट्रवाद के विशाल बरगद की अटूट शाखा हैं: अनुराग सिंह ठाकुर




इस अवसर पर उन्होंने छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन, संघर्ष, साहस और राष्ट्रनिर्माण में उनके योगदान पर विचार व्यक्त करते हुए उपस्थित जनसमूह से उनके आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने का आह्वान किया।







अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि वीर छत्रपति शिवाजी महाराज भारत के महान राष्ट्रनायक और सनातन परंपरा के अद्वितीय योद्धा थे। उन्होंने मुगल सत्ता को चुनौती देते हुए हिंदवी स्वराज की स्थापना का संकल्प साकार किया।



उनका संघर्ष, त्याग, तप और बलिदान आज भी देशवासियों को प्रेरणा देता है। शिवाजी महाराज के हिंदवी स्वराज की परिकल्पना को वास्तविक अर्थों में साकार करने के लिए भारत को विकसित राष्ट्र बनाना आवश्यक है।





वर्ष 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य हासिल करना छत्रपति शिवाजी महाराज के संकल्पों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। जाणता राजा जैसे ऐतिहासिक महानाट्य युवा पीढ़ी को देश के गौरवशाली इतिहास, सांस्कृतिक विरासत और राष्ट्रनिर्माण के प्रति अपने दायित्वों से जोड़ते हैं।


उन्होंने कहा कि भारत ने इतिहास में अनेक आक्रमणों और धार्मिक उत्पीड़न की चुनौतियों का सामना किया है। सोमनाथ से अयोध्या, मथुरा और काशी तक अनेक मंदिरों पर हमले हुए, मूर्तियां तोड़ी गईं और लोगों पर धर्म परिवर्तन के लिए दबाव डाला गया।
इसके बावजूद सनातन परंपरा ने छत्रपति शिवाजी महाराज जैसे महान सपूत दिए, जिन्होंने धर्म और राष्ट्र की रक्षा के लिए संघर्ष किया।
अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज के आदर्श सत्य, धर्म और न्याय के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अयोध्या में राम मंदिर, काशी विश्वनाथ कॉरिडोर, महाकाल लोक और सोमनाथ से जुड़े धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों के विकास जैसे कार्य भारतीय सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और संवर्धन के उदाहरण हैं।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में छत्रपति शिवाजी महाराज के साहस, संघर्ष और सतर्कता की परंपरा से प्रेरणा लेने की आवश्यकता है। उनके अनुसार, दुनिया भर में सक्रिय कुछ विध्वंसकारी शक्तियां और उनके सहयोगी भारत में अस्थिरता पैदा कर सत्ता परिवर्तन यानी रिजीम चेंज की कोशिशों में लगे हैं।

उन्होंने ऐसी ताकतों को नव-मुगल, नव-तुर्क और नव-ब्रिटिश मानसिकता से जोड़ते हुए कहा कि भारत की संप्रभुता और राष्ट्रीय हितों के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जा सकता।
अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि जिन राजनीतिक दलों और विचारधाराओं की जड़ें विदेशी प्रभावों में हैं, उन्हें भारतीय लोकतंत्र, संविधान, राष्ट्रीय ध्वज और राष्ट्रवाद पर उपदेश देने से पहले भारत की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को समझना चाहिए।
उन्होंने कहा कि भारतीय राष्ट्रवाद एक विशाल बरगद के समान है, जिसकी शाखाओं को कोई शक्ति तोड़ नहीं सकती। देश की एकता, अखंडता और संप्रभुता की रक्षा के लिए प्रत्येक नागरिक को छत्रपति शिवाजी महाराज के आदर्शों से प्रेरणा लेनी चाहिए।




