



हमीरपुर/विवेकानंद वशिष्ठ:- दिव्य आदर्श विद्या पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल, भोटा में 28 अक्टूबर 2026 को अभिभावक-शिक्षक बैठक (पीटीएम) का आयोजन उत्साह एवं हर्षोल्लास के साथ किया गया।


इस अवसर पर करवाचौथ के पावन पर्व को ध्यान में रखते हुए विद्यालय में मेहंदी प्रतियोगिता तथा चारों सदनों द्वारा आकर्षक मेहंदी स्टॉल लगाए गए।




कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने अपनी रचनात्मकता और कलात्मक प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। मेहंदी प्रतियोगिता में छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और सुंदर एवं आकर्षक मेहंदी डिजाइनों के माध्यम से अपनी कला का परिचय दिया।






करवाचौथ के अवसर पर विद्यार्थियों ने अपने माता-पिता, विशेषकर माताओं के हाथों पर सुंदर मेहंदी लगाकर इस आयोजन को यादगार बना दिया। बच्चों के इस स्नेहपूर्ण प्रयास ने अभिभावकों के चेहरों पर खुशी ला दी।



विद्यालय के चारों सदनों द्वारा लगाए गए मेहंदी स्टॉल कार्यक्रम का विशेष आकर्षण रहे। विद्यार्थियों ने इन स्टॉलों के माध्यम से अपनी प्रतिभा, रचनात्मकता, नेतृत्व क्षमता और टीम भावना का परिचय दिया। सभी सदनों के विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह और जिम्मेदारी के साथ अपनी भूमिका निभाई।





इस अवसर पर आयोजित पीटीएम में शिक्षकों ने अभिभावकों के साथ विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति, अनुशासन, व्यवहार एवं सर्वांगीण विकास से संबंधित विषयों पर चर्चा की। अभिभावकों ने भी विद्यालय द्वारा विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।


सीएमडी कंचन भारद्वाज का संदेश
विद्यालय की मुख्य प्रबंध निदेशक (CMD) श्रीमती कंचन भारद्वाज ने इस अवसर पर सभी अभिभावकों, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि विद्यालय का उद्देश्य केवल विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान प्रदान करना ही नहीं, बल्कि उनमें भारतीय संस्कृति, परंपराओं, नैतिक मूल्यों और रचनात्मकता का विकास करना भी है।
उन्होंने कहा कि करवाचौथ जैसे त्योहार हमारी सांस्कृतिक विरासत और पारिवारिक संबंधों की महत्ता को दर्शाते हैं। विद्यार्थियों द्वारा अपने माता-पिता के हाथों पर मेहंदी लगाना प्रेम, सम्मान और पारिवारिक जुड़ाव का सुंदर उदाहरण है। उन्होंने इस प्रकार की गतिविधियों को विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया।
भारद्वाज ने अभिभावकों और शिक्षकों के बीच बेहतर संवाद को विद्यार्थियों की सफलता का आधार बताते हुए कहा कि विद्यालय और अभिभावकों के संयुक्त प्रयासों से ही बच्चों का उज्ज्वल भविष्य सुनिश्चित किया जा सकता है।

उन्होंने सभी चारों सदनों के विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी की सराहना की और भविष्य में भी इस प्रकार के रचनात्मक कार्यक्रम आयोजित करने पर बल दिया।
कार्यक्रम का समापन उत्साहपूर्ण वातावरण में हुआ। पीटीएम, मेहंदी प्रतियोगिता और चारों सदनों के स्टॉलों ने इस आयोजन को विद्यार्थियों, अभिभावकों और शिक्षकों के लिए यादगार बना दिया।




