



हमीरपुर/विवेकानंद वशिष्ठ:- देवभूमि हिमाचल के जिला हमीरपुर की बेटी डॉ. संतोष कुमारी ने हिंदी साहित्य में बनाई अपनी एक अलग पहचान। हिमाचल की शिक्षाविद, शोधकर्ता और सक्रिय साहित्यकार डॉ. संतोष कुमारी ने हिंदी साहित्य, शोध और सांस्कृतिक गतिबिधिंयों के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई हैं।


उन्होंने हिंदी में पीएचडी शोध ‘हिंदी कथा साहित्य में भारत विभाजन की त्रासदी’ विषय पर किया हैं, जो उस दौर की मानवीय पीड़ा, विस्थापन और सामाजिक विघटन को रेखांकित करता हैं।



साहित्य केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि समाज की संवेदनाओं को स्वर देने का सशक्त माध्यम है: डॉ. संतोष कुमारी







साहित्यिक एवं सामाजिक सरोकारों को आगे बढ़ाने के लिए उन्होंने ‘धौलाधार सूजन भारती न्यास’ की स्थापना की है और वर्तमान में इसकी संस्थापक एवं अध्यक्ष के रूप में कार्य कर रही हैं।



उनका मानना है कि साहित्य समाज में सकारात्मक सोच विकसित करने और नवोदित रचनाकारों को मंच देने की दिशा में निरंतर प्रयासरत हैं।





वे साहित्य सप्तक पत्रिका में हिमाचल ब्यूरो चीफ के रूप में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। समावेशी साहित्य मंच और क्रिएटिव कल्चर मंच की नियमित ऑनलाइन संगोष्ठियों, कहानी वार्ता एवं साहित्यिक चचाँओं में उनकी सक्रिय भागीदारी रहती है। हिंदी दिवस पर आकाशवाणी हमीरपुर से कार्यक्रम प्रस्तुत कर चुकी हैं।


धौलाधार सूजन भारती न्यास, साहित्य सप्तक तथा विभिन्न साहित्यिक मंचों से जुड़कर डॉ. संतोष कुमारी साहित्य, संस्कृति और समाज सेवा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं।





