



हमीरपुर/विवेकानंद वशिष्ठ :- मॉडल पी अच् सी जंगल बेरी में निमोनिया दिवस के अवसर पर डॉक्टर सुरेंद्र सिंह डोगरा, मेडिकल ऑफिसर एसोसिएशन के अध्यक्ष ने महत्वपूर्ण जानकारी दी और लोगों को रोकथाम और लक्षणों के बारे में बताया।


सर्दियों में इस रोग से बचने के लिए बच्चों और बुजुर्गों से अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखने की अपील की ताकि इस रोग से बचा जा सके। निमोनिया फेफड़ों के संक्रमण को संदर्भित करता है, जो बैक्टीरिया, वायरस या फंगल संक्रमण के कारण होता है।




इसमें फेफड़ों की छोटी वायु थैलियाँ (एल्वियोली) तरल पदार्थ या मवाद से भर जाती हैं, जिससे सांस लेने में कठिनाई होती है। यह एक गंभीर बीमारी हो सकती है जो हल्का या जानलेवा हो सकती है।







निमोनिया के मुख्य कारण बैक्टीरिया, वायरस और फफूंद हैं। लक्षणों में खांसी (जिसमें बलगम या थूक आता है), बुखार, सांस लेने में तकलीफ, थकान और भूख न लगना शामिल हैं।



उपचार कारण पर निर्भर करता है – बैक्टीरियल निमोनिया के लिए एंटीबायोटिक्स और वायरल निमोनिया के लिए लक्षण प्रबंधन।




सालाना फ्लू का टीका लगवाना और अच्छी स्वच्छता बनाए रखना रोकथाम में मदद कर सकता है।





















