




हमीरपुर/विवेकानंद वशिष्ठ :- भारत रत्न एवं पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी की जन्म शताब्दी के पावन अवसर पर शहर विधानसभा क्षेत्र में अटल स्मृति सम्मेलन का अत्यंत भव्य, गरिमामय एवं ऐतिहासिक आयोजन किया गया।

यह सम्मेलन बड़सर विधानसभा क्षेत्र के लोकप्रिय विधायक इन्द्रदत्त लखनपाल जी के नेतृत्व में कालका माता मंदिर, टिक्कर के पावन एवं दिव्य प्रांगण में संपन्न हुआ।



इस अवसर पर सुजानपुर विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक एवं प्रदेश भाजपा के वरिष्ठ (वशिष्ठ) प्रवक्ता राजेन्द्र राणा ने संयोजक के रूप में सहभागिता करते हुए श्रद्धेय अटल जी के विचारों और व्यक्तित्व पर विस्तार से प्रकाश डाला।






उन्होंने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी जी भारतीय राजनीति के ऐसे महानायक थे, जिन्होंने सिद्धांतों, संस्कारों और संवाद की राजनीति को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया।



उनका संपूर्ण जीवन राष्ट्रसेवा को समर्पित रहा और आज की युवा पीढ़ी के लिए वह एक प्रेरणापुंज हैं।


सम्मेलन को संबोधित करते हुए विधायक इन्द्रदत्त लखनपाल जी ने कहा—



“अटल जी का जीवन साधारण से असाधारण बनने की प्रेरक गाथा है। उन्होंने विषम परिस्थितियों में भी अपने विचारों, मूल्यों और राष्ट्रहित से कभी समझौता नहीं किया।
एक कुशल प्रशासक, प्रखर वक्ता, संवेदनशील कवि और दूरदर्शी राजनेता के रूप में उन्होंने भारत को वैश्विक मंच पर नई पहचान और सम्मान दिलाया।”
इस अवसर पर पंचायती राज प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक विनोद ठाकुर ने कहा—

“अटल बिहारी वाजपेयी जी ने राजनीति में शुचिता, सर्वसम्मति और संवाद की सुदृढ़ परंपरा स्थापित की। पोखरण परमाणु परीक्षण, स्वर्णिम चतुर्भुज परियोजना तथा पड़ोसी देशों के साथ संवाद आधारित नीति उनके दूरदर्शी नेतृत्व के ऐतिहासिक उदाहरण हैं।”

कार्यक्रम में जिला महामंत्री राजेश सहगल, जिला उपाध्यक्ष संजीव शर्मा, जिला परिषद सदस्य राजेश मांगा, सहकारिता प्रकोष्ठ के जिला संयोजक राम कृष्ण, महिला मोर्चा अध्यक्ष किरण, सरला शर्मा, कोषाध्यक्ष सुरेंद्र अग्निहोत्री, यशपाल ठाकुर, जगन्नाथ बन्याल, ऋषि शर्मा, आशीष ठाकुर अश्वनी बन्याल, रवि कानूनगो युवा मोर्चा बड़सर मण्डल अध्यक्ष अनिल ठाकुर,मण्डल ढ़टवाल के अध्यक्ष पंकज सहित बड़ी संख्या में भाजपा पदाधिकारी, कार्यकर्ता, मातृशक्ति एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
अटल स्मृति सम्मेलन ने श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी के विचारों, आदर्शों, सुशासन और राष्ट्रसेवा की भावना को जन-जन तक पहुँचाने का कार्य किया तथा उपस्थित जनसमूह को उनके पदचिन्हों पर चलने का संकल्प दिलाया।




