लोकसभा में अनुराग सिंह ठाकुर द्वारा भाखड़ा बांध व पौंग बांध पर उठाये विषय पर केंद्र की सकारात्मक प्रतिक्रिया

हमीरपुर/विवेकानंद वशिष्ठ:-  पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं हमीरपुर संसदीय क्षेत्र से सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने आज एक प्रेस बयान जारी करते हुए हिमाचल प्रदेश के गोबिंद सागर एवं महाराणा प्रताप सागर जलाशयों में मत्स्य विकास से जुड़े मुद्दे को उनके द्वारा लोकसभा में नियम 377 के अंतर्गत उठाए जाने के बाद सकारात्मक कार्रवाई के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह का आभार व्यक्त किया।

केंद्रीय बजट 2026-27 में गोबिंद सागर और महाराणा प्रताप सागर को राष्ट्रीय जलाशय विकास कार्यक्रम में शामिल किया जाना हिमाचल प्रदेश के लिए बड़ी उपलब्धि : अनुराग सिंह ठाकुर

गौरतलब है कि केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह द्वारा भेजे गए आधिकारिक पत्र के माध्यम से जानकारी दी गई है कि गोबिंद सागर जलाशय (भाखड़ा बांध) और महाराणा प्रताप सागर (पोंग बांध) को केंद्रीय बजट 2026-27 के अंतर्गत देशभर में चिन्हित 400 जलाशयों की सूची में शामिल किया गया है, जिनका एकीकृत विकास किया जाएगा।

अनुराग ठाकुर ने विगत दिनों लोकसभा में नियम 377 के अंतर्गत उठाये गए उनके विषय पर सकारात्मक प्रतिक्रिया देने के लिए केंद्रीय पंचायती राज मंत्री ललन सिंह का आभार व्यक्त किया।

 

27 मार्च 2026 को लोकसभा में अनुराग ठाकुर ने हिमाचल प्रदेश में गोबिंद सागर (भाखड़ा डैम) और महाराणा प्रताप सागर (पोंग डैम) में मत्स्य विकास से संबंधित विषय को उठाया था। इन दोनों जलाशयों को अब केंद्रीय बजट 2026-27 के तहत घोषित 400 जलाशयों की सूची में शामिल कर लिया गया है, जहाँ एकीकृत विकास कार्य किए जाएंगे।

 

अनुराग ठाकुर ने कहा कि यह निर्णय प्रधानमंत्री मोदी के दृष्टिकोण को प्रतिबिंबित करता है, जिसमें आधुनिक अवसंरचना, कौशल विकास और सतत आजीविका के माध्यम से मछुआरों को सशक्त बनाना सम्मिलित है।

 

अनुराग ठाकुर ने कहा कि यह निर्णय हिमाचल जैसे पर्वतीय राज्यों में जलाशय आधारित आर्थिक गतिविधियों, मत्स्य अवसंरचना, पर्यटन विकास, जल संसाधन प्रबंधन और आजीविका के अवसरों को मजबूत करने के प्रति मोदी सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

 

उन्होंने कहा कि इन जलाशयों से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों के लिए वित्तीय सहायता और विकासात्मक सहयोग प्रदान किया जाएगा, जिससे कांगड़ा, बिलासपुर, ऊना, हमीरपुर तथा आसपास के क्षेत्रों के स्थानीय मछुआरों, युवाओं, स्वयं सहायता समूहों, पर्यटन क्षेत्र से जुड़े हितधारकों और जलाशय आधारित अर्थव्यवस्था पर निर्भर समुदायों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।

 

अनुराग ठाकुर ने कहा कि गोबिंद सागर और महाराणा प्रताप सागर केवल महत्वपूर्ण जलाशय ही नहीं, बल्कि हिमाचल प्रदेश में मत्स्य उत्पादन, जैव विविधता, इको-टूरिज्म और रोजगार सृजन के प्रमुख केंद्र भी हैं।

 

राष्ट्रीय एकीकृत जलाशय विकास कार्यक्रम में शामिल होने से इन क्षेत्रों में आधुनिक अवसंरचना का विकास, सुविधाओं का विस्तार और स्थानीय लोगों के लिए नए आर्थिक अवसर सृजित होंगे।

 

उन्होंने बताया कि केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह द्वारा यह भी अवगत कराया गया है कि केंद्र सरकार की ब्लू रिवोल्यूशन योजना और प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (पी.एम.एम.एस.वाई.) के तहत हिमाचल प्रदेश में मत्स्य विकास के लिए पहले से ही पर्याप्त वित्तीय सहायता प्रदान की जा चुकी है।

 

आधिकारिक जानकारी के अनुसार गोबिंद सागर जलाशय (भाखड़ा बांध) के लिए अब तक लगभग 927.99 लाख रुपये की सहायता विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत दी गई है, जिसमें क्राफ्ट एवं गियर यूनिट, मछुआरों के आवास, सेविंग-कम-रिलीफ सहायता तथा आइस बॉक्स सहित मोटरसाइकिलें शामिल हैं।

 

इसी प्रकार महाराणा प्रताप सागर (पोंग बांध) के लिए लगभग 593.05 लाख रुपये की सहायता आवास इकाइयों, क्राफ्ट गियर एवं सुरक्षा उपकरण, नौकाएं एवं जाल, फिश कियोस्क, आइस बॉक्स सहित मोटरसाइकिलें तथा क्लोज सीजन राहत सहायता के लिए प्रदान की गई है।

 

अनुराग ठाकुर ने कहा कि इन पहलों से हिमाचल प्रदेश के जलाशय क्षेत्रों में मछुआरा समुदायों की आजीविका और मत्स्य अवसंरचना को उल्लेखनीय मजबूती मिली है।

 

अनुराग ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार लगातार हिमाचल प्रदेश की विकास आवश्यकताओं को प्राथमिकता देते हुए आधारभूत ढांचे, संपर्क सुविधा, जल संसाधन, पर्यटन और ग्रामीण आजीविका के क्षेत्रों में केंद्रित निवेश कर रही है।

 

उन्होंने एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह का संसद में उठाए गए मुद्दे पर सकारात्मक प्रतिक्रिया देने तथा हिमाचल प्रदेश के जलाशय तंत्र के विकास हेतु ठोस कदम उठाने के लिए आभार व्यक्त किया।

 

 

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