राहुल गांधी की बिगड़ी परवरिश ने उन्हें अमर्यादित भाषा बोलने वाला गैर-जिम्मेदार नेता बना दिया: अनुराग ठाकुर

हमीरपुर/विवेकानंद वशिष्ठ:- पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं भाजपा सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने आज नेता प्रतिपक्ष राहुल गाँधी द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ की गई अभद्र टिप्पणी की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि राहुल गांधी की भाषा, मानसिकता और व्यवहार उनकी बिगड़ी हुई परवरिश और राजनीतिक हताशा को दर्शाता है।

 

उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल, असम और पुडुचेरी में लगातार हार के बाद कांग्रेस नेतृत्व बौखलाहट में मर्यादा भूल चुका है और आत्ममंथन करने की बजाय अपशब्दों की राजनीति पर उतर आया है।

अनुराग ठाकुर ने कहा कि जब भी देश पर कोई संकट आता है, तब राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवक और राष्ट्रवादी लोग जनता के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े दिखाई देते हैं, जबकि राहुल गांधी जैसे हल्के नेता कठिन समय में विदेश भाग जाते हैं।

 

 

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के प्रति दूषित मानसिकता और हल्की टिप्पणियां राहुल गांधी की घबराहट और राजनीतिक असुरक्षा को दर्शाती हैं।

 

 

प्रधानमंत्री मोदी की बढ़ती लोकप्रियता से राहुल गांधी चिढ़ते भी हैं और भयभीत भी हैं। इस प्रकार की भाषा न केवल उनकी राजनीतिक अपरिपक्वता दिखाती है, बल्कि उनकी परवरिश पर भी गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करती है।

 

उन्होंने कहा कि भारत के संविधान को सबसे अधिक नुकसान कांग्रेस पार्टी और गांधी परिवार ने पहुंचाया है। इतिहास गवाह है कि पंडित जवाहरलाल नेहरू की पहली सरकार ने संविधान संशोधन कर मीडिया की आवाज दबाने का प्रयास किया था।

 

 

बाद में इंदिरा गांधी ने आपातकाल लगाकर लोकतंत्र और संविधान की आत्मा को कुचलने का काम किया। आज राहुल गांधी संविधान की दुहाई देते घूमते हैं, लेकिन उन्हें यह याद रखना चाहिए कि 1975 में लोकतंत्र की हत्या और संविधान का गला घोंटने का पाप कांग्रेस ने ही किया था।

 

अनुराग ठाकुर ने कहा कि राहुल गांधी हाथ में लाल किताब लेकर संविधान बचाने का दिखावा करते हैं, लेकिन उन्हें यह भी याद रखना चाहिए कि उसी संविधान के निर्माता बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर के खिलाफ पंडित नेहरू ने राजनीतिक षड्यंत्र रचकर उन्हें चुनावों में हरवाने और अपमानित करने का काम किया था। कांग्रेस का इतिहास संविधान, लोकतंत्र और दलित सम्मान के खिलाफ रहा है।

 

 

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