



हमीरपुर/विवेकानंद वशिष्ठ:- पिछले मात्र 10 दिनों के भीतर पेट्रोल और डीजल के दामों में चौथी बार बढ़ोतरी कर केंद्र सरकार ने आम जनता के जख्मों पर नमक छिड़कने का काम किया है।


आज फिर पेट्रोल के दामों में ₹2.61 प्रति लीटर की भारी बढ़ोतरी की गई है, जिसके बाद पिछले 10 दिनों में कुल मिलाकर लगभग ₹7.35 प्रति लीटर की बढ़ोतरी हो चुकी है।



लगातार बढ़ रही इस महंगाई ने गरीब, मध्यमवर्गीय परिवारों, बेरोजगार युवाओं, किसानों, मजदूरों और गृहणियों का जीना मुश्किल कर दिया है।






डॉ. पुष्पेंद्र वर्मा ने कहा कि एक तरफ हिमाचल प्रदेश में पंचायती राज चुनाव चल रहे हैं और भाजपा समर्थित उम्मीदवार जनता के बीच जाकर बड़े-बड़े वादे कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर उनकी ही सरकार लगातार महंगाई बढ़ाकर जनता पर आर्थिक बोझ डाल रही है।


जनता अब पूछ रही है कि आखिर प्रतिदिन पेट्रोल-डीजल के दाम क्यों बढ़ाए जा रहे हैं? आखिर आम आदमी को राहत देने की बजाय उसे महंगाई की तलवार से क्यों काटा जा रहा है? एक बार काट कर उन जख्मों पर बार-बार पेट्रोल डीजल के दाम बढ़ाकर उन जख्मों पर क्यों नमक छिड़का जा रहा है?



उन्होंने कहा कि आज हर गृहणी परेशान है, हर बेरोजगार युवा चिंतित है और हर परिवार का बजट पूरी तरह बिगड़ चुका है। पेट्रोल-डीजल महंगा होने का सीधा असर खाने-पीने की वस्तुओं, सब्जियों, राशन, परिवहन और रोजमर्रा की जरूरतों पर पड़ता है। भाजपा सरकार को यह बताना चाहिए कि आखिर जनता पर यह आर्थिक अत्याचार कब तक जारी रहेगा।


डॉ. वर्मा ने कहा कि जनता अब जागरूक हो चुकी है और आने वाले समय में इस महंगाई तथा जनविरोधी नीतियों का जवाब लोकतांत्रिक तरीके से देगी। उन्होंने कहा कि सरकार को तुरंत बढ़े हुए दाम वापस लेने चाहिए और आम जनता को राहत देने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।


















