



हमीरपुर/विवेकानंद वशिष्ठ:- हिम अकादमी पब्लिक स्कूल, विकास नगर में शिक्षकों को नवीन शैक्षिक परिवर्तनों, आधुनिक शिक्षण पद्धतियों तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति के उद्देश्यों से अवगत कराने के लिए राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा (एनसीएफ)–2023 विषय पर एक दिवसीय क्षमता निर्माण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया।

कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षकों को एनसीएफ–2023 के प्रमुख सिद्धांतों, पाठ्यचर्या लक्ष्यों तथा शिक्षण-अधिगम की नई प्रक्रियाओं के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान करना था, ताकि वे इन्हें प्रभावी रूप से कक्षा शिक्षण में लागू कर सकें। कार्यक्रम में विकास शर्मा एवं सुश्री शालिनी सहोत्रा ने संसाधन व्यक्तियों के रूप में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने शिक्षकों को राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा–2023 की अवधारणा, इसके उद्देश्यों तथा विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में इसकी भूमिका के बारे में विस्तार से जानकारी दी।



उन्होंने बताया कि एनसीएफ–2023 शिक्षा को केवल विषय ज्ञान तक सीमित नहीं रखता, बल्कि विद्यार्थियों में रचनात्मकता, आलोचनात्मक चिंतन, समस्या समाधान, संवाद कौशल और जीवनोपयोगी दक्षताओं के विकास पर भी विशेष बल देता है।






कार्यशाला के दौरान विभिन्न संवादात्मक गतिविधियों, समूह चर्चाओं, विचार-विमर्श सत्रों तथा व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से शिक्षकों को नई शिक्षण रणनीतियों से परिचित कराया गया।


संसाधन व्यक्तियों ने अनुभवात्मक अधिगम, गतिविधि-आधारित शिक्षण, दक्षता-आधारित शिक्षा, समावेशी शिक्षा तथा विद्यार्थी-केंद्रित शिक्षण पद्धतियों के महत्व को स्पष्ट किया। उन्होंने यह भी बताया कि किस प्रकार शिक्षण को अधिक रोचक, प्रभावी और जीवन से जोड़कर प्रस्तुत किया जा सकता है, जिससे विद्यार्थियों की सीखने की प्रक्रिया अधिक सार्थक बन सके।इस क्षमता निर्माण कार्यक्रम में विद्यालय के 59 शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।



शिक्षकों ने विभिन्न विषयों पर अपने विचार साझा किए तथा एनसीएफ–2023 के प्रभावी क्रियान्वयन से संबंधित प्रश्नों पर चर्चा की। कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों को नई मूल्यांकन प्रणाली, अधिगम परिणामों तथा शिक्षण में नवाचारों के बारे में भी महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त हुई।


विद्यालय प्रबंधन ने अपने संबोधन में कहा कि बदलते शैक्षिक परिदृश्य में शिक्षकों का निरंतर प्रशिक्षण अत्यंत आवश्यक है। ऐसे कार्यक्रम शिक्षकों के व्यावसायिक विकास को नई दिशा प्रदान करते हैं तथा उन्हें राष्ट्रीय शिक्षा नीति–2020 और राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा–2023 के उद्देश्यों को सफलतापूर्वक लागू करने के लिए सक्षम बनाते हैं।
प्रबंधन ने यह भी कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए शिक्षकों का निरंतर सीखना और स्वयं को अद्यतन रखना समय की आवश्यकता है।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर विद्यालय प्रशासन ने दोनों संसाधन व्यक्तियों का आभार व्यक्त किया। यह कार्यशाला शिक्षकों के लिए अत्यंत ज्ञानवर्धक, प्रेरणादायक एवं उपयोगी सिद्ध हुई।
विद्यालय ने भविष्य में भी इस प्रकार के शैक्षिक एवं प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की, ताकि शिक्षकों और विद्यार्थियों दोनों को आधुनिक शिक्षा के सर्वोत्तम अवसर उपलब्ध कराए जा सकें।


















