



हमीरपुर/विवेकानंद वशिष्ठ:- हमीरपुर की बेटी के लिए या अत्यंत गौरव, सम्मान और विनम्रता का क्षण था कि मुझे अपने पाँच प्रेरणादायी साथी सरपंचों- (अंजुम, ऋचा, बबली, मधु और वर्षा)- के साथ भारत के केवल छह चयनित सरपंचों में स्थान प्राप्त हुआ।


इस अवसर पर हमने अपनी-अपनी ग्राम पंचायतों में ग्रामीण विकास, सुशासन, नवाचार एवं जनभागीदारी पर आधारित विकास की रूपरेखा (Roadmap) साझा की।




यह उपलब्धि केवल मेरे लिए ही नहीं, बल्कि ग्राम पंचायत बलोह, जनपद हमीरपुर, हिमाचल प्रदेश तथा ग्राम स्वराज और सशक्त स्थानीय स्वशासन में विश्वास रखने वाले प्रत्येक नागरिक के लिए गर्व का विषय है।







ऐसे अवसर इस सत्य को पुनः स्थापित करते हैं कि यदि जनप्रतिनिधि ईमानदारी, नवाचार और समर्पण के साथ कार्य करें, तो गाँव की चौपाल से उठी आवाज़ भी राष्ट्रीय नीति-निर्माण के सर्वोच्च मंचों तक पहुँच सकती है।



लता देवी ने कहा कि मैं संकल्पित हूँ कि इस राष्ट्रीय मंथन से प्राप्त अनुभवों, विचारों और सर्वोत्तम कार्य-पद्धतियों को अपनी ग्राम पंचायत में लागू करते हुए कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित सुशासन, वित्तीय सुदृढ़ीकरण, पारदर्शी प्रशासन तथा सहभागी विकास के माध्यम से ‘विकसित पंचायत से विकसित भारत’ के संकल्प को साकार करने में अपना सर्वोत्तम योगदान देती रहूँगी।























