



हमीरपुर/विवेकानंद वशिष्ठ:- बिना मर्जी बिजली काटी तो 10 दिन में जोड़नी होगी, HPSEBL को झटका

क्या है पूरा मामला ?



मामला: CMA रजिस्ट्रेशन नंबर 497-2026 जयमल सिंह बनाम SDO HPSEBL लंबलू जयमल सिंह, मोहल लंबलू, मौजा उगलता, तहसील व जिला हमीरपुर में दुकान मालिक हैं HPSEBL ने 17.04.2026 को नोटिस देकर कहा कि स्मार्ट मीटर नहीं लगवाया तो बिजली काट दी जाएगी।






याचिकाकर्ता ने कोर्ट में अर्जी देकर कहा कि स्मार्ट मीटर लगवाना स्वैच्छिक है, जबरन नहीं। इसलिए बिजली काटने और स्मार्ट मीटर लगाने से रोका जाए।


हमीरपुर कोर्ट का आदेश:- स्मार्ट मीटर लगवाने के लिए बिजली काटना गलत, जबरन नहीं लगा सकते – कोर्ट




कोर्ट का महत्वपूर्ण आदेश:- HPSEBL याचिकाकर्ता की दुकान की बिजली पुराने मीटर के साथ 10 दिन के भीतर बहाल करे। यह आदेश मुकदमे के अंतिम


HPSEBL का पक्ष:- हिमाचल सरकार की नीति है कि सभी व्यावसायिक परिसरों में स्मार्ट मीटर लगेंगे। बिजली अधिनियम 2003 की धारा 55(1) के तहत सही मीटर के बिना बिजली नहीं दी जा सकती। इसलिए नोटिस दिया गया था।
कोर्ट ने क्या कहा?
1 स्मार्ट मीटर स्वैच्छिक है, अनिवार्य नहीं : कोर्ट ने कहा कि सरकार की योजना के तहत स्मार्ट मीटर लगाना प्रमोट किया जा रहा है। पहले भी स्पष्ट किया जा चुका है कि यह स्वैच्छिक है, अनिवार्य नहीं। बिजली अधिनियम 2003 की धारा 55 और धारा 47(5) से भी यही साबित होता है।
2 धमकी देकर नहीं लगा सकतेः

कोर्ट ने कहा कि HPSEBL बिजली अधिनियम का हवाला देकर उपभोका को डरा-धमका कर स्मार्ट मीटर नहीं लगवा सकता और बिजली नहीं काट सकता। सरकार की नीति को कानून के खिलाफ बताकर “सही मीटर” कहना कानून की गलत व्याख्या है।
बिजली बहाल करने के आदेशः
कोर्ट ने HPSEBL को आदेश दिया कि वह याचिकाकर्ता की दुकान की बिजली, पुराने मीटर के साथ, आदेश की तारीख से 10 दिन के अंदर बहाल करे। यह आदेश मुकदमे के अंतिम निपटारे तक लागू रहेगा।
मामले के गुण-दोष पर अंतिम फैसला बाद में होगा।

















