बाबा बालक नाथ महाविद्यालय चकमोह के विकास को लेकर ग्राम पंचायत ने प्राचार्य को सौंपा ज्ञापन

हमीरपुर/विवेकानंद वशिष्ठ:-  ग्राम पंचायत चकमोह ने बाबा बालक नाथ महाविद्यालय के विकास, नए शैक्षणिक एवं प्रोफेशनल पाठ्यक्रम प्रारम्भ करने तथा भूमि हस्तांतरण के समय ग्रामवासियों से किए गए वादों को पूरा करने की मांग को लेकर महाविद्यालय के प्राचार्य के माध्यम से ट्रस्ट प्रशासन को ज्ञापन सौंपा।

एक सप्ताह में कार्रवाई न होने पर आंदोलन की चेतावनी

ज्ञापन में कहा गया कि तत्कालीन एसडीएम श्री रोहित ठाकुर के कार्यकाल में ग्रामवासियों ने महाविद्यालय के विकास एवं क्षेत्र के विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य को ध्यान में रखते हुए कुछ शर्तों एवं आश्वासनों के आधार पर महाविद्यालय की भूमि ट्रस्ट के नाम हस्तांतरित की थी।

 

उद्देश्य था कि महाविद्यालय में नए प्रोफेशनल एवं रोजगारपरक पाठ्यक्रम शुरू हों, शिक्षा का स्तर बेहतर बने तथा स्थानीय योग्य युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता मिले।

 

लेकिन लगभग ढाई वर्ष बीत जाने के बाद भी इन वादों पर अपेक्षित प्रगति नहीं हो सकी है, जिससे ग्रामवासियों में भारी निराशा और रोष व्याप्त है।

वर्तमान में प्रशासन से

ग्राम पंचायत ने मांग की है कि महाविद्यालय में शीघ्र एम.ए. हिन्दी, एम.ए. संस्कृत एवं बी.एड. की कक्षाएं शुरू की जाएं तथा अन्य रोजगारपरक एवं प्रोफेशनल कोर्स भी प्रारम्भ किए जाएं। साथ ही महाविद्यालय एवं ट्रस्ट में होने वाली नियुक्तियों में स्थानीय योग्य युवाओं को प्राथमिकता दी जाए तथा भूमि हस्तांतरण के समय किए गए सभी वादों पर प्रशासन एवं महाविद्यालय प्रबंधन एक सप्ताह के भीतर अपनी स्पष्ट कार्ययोजना प्रस्तुत करे।

ग्राम के वरिष्ठ एवं प्रबुद्ध नागरिकों राकेश मेहर, हंसराज, रोशन लाल, केशव मेहर, मास्टर बिहारी लाल तथा विपिन बिहारी लाल ने कहा कि महाविद्यालय की स्थापना एवं भूमि हस्तांतरण में ग्रामवासियों ने पूरे विश्वास के साथ महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

 

उनका कहना है कि प्रशासन एवं संबंधित प्रबंधन के उदासीन रवैये से पूरे गांव को बार-बार केवल निराशा ही हाथ लगी है। यदि अब भी ठोस कार्रवाई नहीं की गई तो समस्त ग्रामवासी अपने अधिकारों की रक्षा के लिए लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।

युवक मंडल चकमोह के प्रधान रोहित कुमार ने कहा कि पहले आसपास की पंचायतों के विद्यार्थियों को एम.ए. की पढ़ाई का लाभ स्थानीय स्तर पर मिल जाता था, लेकिन कक्षाएं बंद होने से अब विद्यार्थियों को दूर-दराज़ के महाविद्यालयों में जाना पड़ रहा है, जिससे उन पर अतिरिक्त आर्थिक एवं समय का बोझ पड़ रहा है।

 

उन्होंने यह भी कहा कि एम.ए. की परीक्षाओं का परीक्षा केंद्र भी चकमोह से समाप्त कर दिया गया है, जिससे विद्यार्थियों और अभिभावकों में भारी रोष है। उन्होंने प्रशासन से विद्यार्थियों के हितों को ध्यान में रखते हुए शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की मांग की।

ग्राम पंचायत ने स्पष्ट किया कि यदि एक सप्ताह के भीतर संतोषजनक एवं लिखित उत्तर प्राप्त नहीं होता है तो ग्राम पंचायत चकमोह एवं समस्त ग्रामवासी लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण ढंग से धरना-प्रदर्शन एवं आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे, जिसकी समस्त जिम्मेदारी प्रशासन एवं संबंधित प्रबंधन की होगी।

ज्ञापन सौंपने के दौरान ग्राम पंचायत चकमोह के प्रधान सोम दत्त, बीडीसी सदस्य प्रेम सिंह, उपप्रधान राज कुमार, पंचायत सदस्य विजय कुमार, युवा प्रतिनिधि अमित शर्मा, प्रशांत शर्मा, विशाल शर्मा, सोहित, रोहित, अक्षय, आदित्य सहित अन्य गणमान्य ग्रामवासी उपस्थित रहे।

 

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