



देवभूमि की मर्यादा को कुचलने वाली भाषा क्षमा योग्य नहीं: अजय शर्म

सुधीर शर्मा की अमर्यादित टिप्पणी पर बरसे एपीएमसी अध्यक्ष, भाजपा से सार्वजनिक माफी की तल्ख मां



हमीरपुर/विवेकानंद वशिष्ठ:- कृषि उपज मंडी समिति (एपीएमसी) हमीरपुर के अध्यक्ष अजय शर्मा ने आज विस्फोटक तेवर अपनाते हुए धर्मशाला के विधायक सुधीर शर्मा पर करारा हमला बोला। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के विरुद्ध कथित रूप से अपमानजनक एवं असंसदीय भाषा के प्रयोग पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने इसे देवभूमि हिमाचल की पावन संस्कृति और सभ्यता पर सीधा प्रहार करार दिया।






सुधीर शर्मा की अमर्यादित टिप्पणी पर बरसे एपीएमसी अध्यक्ष, भाजपा से सार्वजनिक माफी की तल्ख मांग


अजय शर्मा ने तीखे लहजे में कहा, “यह केवल एक व्यक्ति का नहीं, अपितु समूचे प्रदेश के 75 लाख जनमानस के स्वाभिमान का अपमान है। ऐसी भाषा राजनीतिक परिपक्वता नहीं, बल्कि एक कुंठित और हताश मानसिकता का जीता-जागता प्रमाण है।



” उन्होंने आरोप लगाया कि जब विपक्ष के पास सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों के विरुद्ध कोई ठोस तथ्य या मुद्दा नहीं बचता, तब वह सस्ती लोकप्रियता पाने के लिए इस घृणित स्तर तक गिर जाता है।


उन्होंने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि पूरा हिमाचल प्रदेश आज इस ओछी राजनीति पर “थू-थू” कर रहा है। अजय शर्मा ने याद दिलाया कि हिमाचल की राजनीति सदैव मर्यादित संवाद और सभ्य आचरण के लिए राष्ट्रीय स्तर पर आदर्श रही है।
लोकतंत्र में असहमति का स्वागत है, लेकिन पद की गरिमा को तार-तार कर व्यक्तिगत कटाक्ष करना न केवल निंदनीय है, बल्कि अक्षम्य राजनीतिक अपराध भी है।
अपने बयान में आक्रामकता और सीधे सवाल का दंश भरते हुए अजय शर्मा ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष राजीव बिंदल को कटघरे में खड़ा कर दिया।
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में पूछा, “क्या यह मर्यादाहीन बयान भारतीय जनता पार्टी की आधिकारिक विचारधारा का प्रतिनिधित्व करता है, या पार्टी इस शर्मनाक टिप्पणी से स्वयं को पृथक करती है? जनता जवाब जानना चाहती है।”

एपीएमसी अध्यक्ष ने कड़ी मांग रखते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी को इस गिरी हुई राजनीति के लिए प्रदेश की जनता से बिना शर्त सार्वजनिक क्षमा मांगनी चाहिए, अन्यथा जनता करारा जवाब देने को तैयार है।

















