



हमीरपुर/विवेकानंद वशिष्ठ:- भगवती पब्लिक स्कूल जलाड़ी में पर्यावरण शिक्षा कार्यक्रम के अंतर्गत एक दिवसीय विद्यालय स्तरीय शिक्षक व विद्यार्थी प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण, प्राकृतिक संसाधनों के सदुपयोग तथा सतत् विकास के प्रति जागरूक करना रहा।

पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण और सतत विकास के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर दिया जोर




कार्यशाला के दौरान कृषि विज्ञान केंद्र बड़ा से आए मृदा विज्ञान विशेषज्ञ, डॉ. नवनीत जड़ियाल ने वर्मी कंपोस्ट के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने जैविक कचरे से प्राकृतिक खाद तैयार करने तथा मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने के लिए वर्मी कंपोस्ट के उपयोग संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की।







जिला विज्ञान पर्यवेक्षक राजेश गौतम ने सौर ऊर्जा के उपयोग से ऊर्जा संरक्षण को बढ़ावा देने तथा पर्यावरण प्रदूषण को कम करने के महत्व के बारे में विद्यार्थियों को विस्तार से बताया।




उन्होंने विद्यार्थियों को पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझने और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण में योगदान देने के लिए प्रेरित किया।





वहीं क्राफ्ट विशेषज्ञ स्वर्णा देवी ने विद्यार्थियों को टौर के पत्तों से पत्तल एवं डूने बनाने की विधि से अवगत कराया। इस गतिविधि के माध्यम से बच्चों को पारंपरिक शिल्पकला के साथ-साथ प्राकृतिक संसाधनों के उपयोग और पर्यावरण अनुकूल विकल्पों के महत्व की जानकारी दी गई।


विद्यालय के प्रबंध निदेशक (एमडी) अरविंद कटोच एवं प्रधानाचार्य आरती कटोच ने कार्यशाला में उपस्थित विषय विशेषज्ञों, जिला विज्ञान पर्यवेक्षक तथा अभिभावकों का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर इको क्लब प्रभारी शीतल चौधरी व पूनम कुमारी ने भी विद्यार्थियों को पर्यावरण व जल संरक्षण से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की।
जिला विज्ञान पर्यवेक्षक ने कहा कि इस प्रकार की कार्यशालाएं विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, रचनात्मकता तथा पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।





