हिम अकादमी स्कूल में द्वितीय अभिभावक-शिक्षक बैठक का आयोजन

हमीरपुर/विवेकानंद वशिष्ठ:-  हिम अकादमी पब्लिक स्कूल, विकास नगर में द्वितीय अभिभावक-शिक्षक बैठक का आयोजन किया गया। इस अवसर पर अभिभावकों को प्रथम सत्र की परीक्षाओं के परिणामों का विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत किया गया।

साथ ही विद्यालय की शैक्षणिक उपलब्धियों, विशेष शिक्षण कार्यक्रमों तथा विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों से भी अवगत करवाया गया।

 

प्रथम सत्र के परीक्षा परिणामों की समीक्षा के साथ विद्यालय की शैक्षणिक उपलब्धियों एवं विशेष पहलुओं की दी जानकारी

बैठक के दौरान शिक्षकों ने विद्यार्थियों के परीक्षा परिणामों की समीक्षा करते हुए उनकी शैक्षणिक प्रगति, उपलब्धियों एवं सुधार की आवश्यकता वाले क्षेत्रों पर अभिभावकों के साथ विचार-विमर्श किया।

 

विद्यार्थियों की क्षमताओं को पहचानने तथा उन्हें बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करने हेतु आवश्यक सुझाव भी साझा किए गए। विद्यालय द्वारा विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एवं प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार करने के उद्देश्य से अनेक विशेष कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं।

 

इनमें कक्षा तीसरी से बारहवीं तक सभी विद्यार्थियों के लिए विशेष शिक्षण व्यवस्था, कक्षा तीसरी से आठवीं तक योग्यता आधारित प्रश्नों का नियमित अभ्यास, रविवार को आयोजित होने वाली ओलंपियाड परीक्षाएँ तथा जेईई मेन, जेईई एडवांस्ड, नीट एवं एनडीए जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी शामिल है।

 

इसके अतिरिक्त, विद्यार्थियों की परीक्षा संबंधी तैयारी को सुदृढ़ बनाने के लिए विद्यालय में ऑनलाइन परीक्षा सुविधा, नियमित बहुविकल्पीय प्रश्न आधारित परीक्षाएँ, साप्ताहिक परिणाम विश्लेषण एवं शंका समाधान सत्र आयोजित किए जा रहे हैं।

 

प्रत्येक विद्यार्थी को व्यक्तिगत मार्गदर्शन एवं परामर्श प्रदान करने के लिए शिक्षक-मार्गदर्शन की विशेष व्यवस्था भी की गई है।

 

विद्यालय में अतिरिक्त कक्षाओं तथा भविष्य के उचित शैक्षणिक एवं व्यावसायिक विकल्पों के चयन के लिए करियर परामर्श की सुविधा भी उपलब्ध करवाई जा रही है। बैठक में विद्यार्थियों के नैतिक एवं व्यक्तित्व विकास पर भी विशेष बल दिया गया।

 

 

विद्यालय की मूल्यपरक शिक्षा पहल ‘सेवा’ एवं ‘मिशन प्रयास’ के माध्यम से विद्यार्थियों में अनुशासन, सामाजिक उत्तरदायित्व, संवेदनशीलता, सद्व्यवहार एवं सकारात्मक सोच जैसे जीवन-मूल्यों का विकास किया जा रहा है।

 

इस अवसर पर अभिभावकों को व्यक्तित्व विकास पहल के अंतर्गत विद्यार्थियों की दैनिक आदतों, शिष्ट भाषा के प्रयोग, उचित वेशभूषा, स्वच्छता, सलीकेदार पहनावे एवं अनुशासित व्यवहार के महत्त्व से भी अवगत करवाया गया। अभिभावकों से आग्रह किया गया कि वे घर पर भी बच्चों की दिनचर्या, वर्दी, वेशभूषा एवं व्यवहार पर ध्यान दें तथा अच्छे संस्कार विकसित करने में विद्यालय का सहयोग करें।

 

विद्यालय का उद्देश्य केवल विद्यार्थियों को शैक्षणिक सफलता दिलाना ही नहीं, बल्कि उन्हें आत्मविश्वासी, अनुशासित, जिम्मेदार एवं संस्कारवान नागरिक बनाना भी है। बैठक के माध्यम से विद्यालय और अभिभावकों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने तथा विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए मिलकर कार्य करने का संदेश दिया गया।

 

विद्यालय प्रबंधन ने अभिभावकों के सहयोग एवं विश्वास के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि विद्यालय और परिवार के संयुक्त प्रयास ही बच्चों के उज्ज्वल भविष्य एवं सर्वांगीण विकास की सुदृढ़ नींव हैं।

 

[post-views]